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सैनिटाइजर घोटाला: विजिलेंस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, पांच को बनाया आरोपी

Sun, 28 Nov 2021 02:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

चार्जशीट में राज्य सचिवालय में तैनात संयुक्त सचिव स्तर की अधिकारी के अलावा तीन अन्य कर्मचारियों और सैनिटाइजर सप्लाई करने वाले ठेकेदार को आरोपी बनाया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी शिमला स्थित राज्य सचिवालय में कोरोना काल के शुरुआती दौर में हुए कथित सैनिटाइजर घोटाले की जांच कर रही विजिलेंस ने शनिवार को स्थानीय अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट में राज्य सचिवालय में तैनात संयुक्त सचिव स्तर की अधिकारी के अलावा तीन अन्य कर्मचारियों और सैनिटाइजर सप्लाई करने वाले ठेकेदार को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच करीब छह महीने पहले पूरी हो गई थी, लेकिन सरकार संयुक्त सचिव के खिलाफ विजिलेंस की मांगी अभियोजन मंजूरी पर फैसला नहीं ले सकी थी। हाल में मुख्यमंत्री ने अभियोजन मंजूरी दे दी, जिसके बाद कार्मिक विभाग ने ब्यूरो को इससे अवगत करा दिया।

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मंजूरी मिलने के बाद अब ब्यूरो ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। बता दें, 2020 में कोविड के प्रकोप के देश में बढ़ने के साथ ही राज्य सचिवालय में 18 मार्च को जारी सप्लाई ऑर्डर में तीन हजार सैनिटाइजर खरीदने का निर्णय बिना अधिकारियों की जानकारी के ही कर लिया गया। अधिकारियों को सिर्फ  यह पता था कि सैनिटाइजर खरीदे जा रहे हैं, लेकिन वह तीन हजार खरीदे जा रहे हैं या सौ-पांच सौ मिली लीटर की शीशी में, इसकी किसी आला अधिकारी को न तो जानकारी थी और न ही नोटिंग शीट में कहीं भी इसे दर्ज किया गया।

सचिव सचिवालय प्रशासन के सामने पेश करते समय भी सैनिटाइजर की संख्या और अनुमानित खर्च का कोई विवरण नहीं दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि भ्रष्टाचार करने वालों ने सप्लाई करने वाली फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए सैनिटाइजर का रेट एक साल के लिए अप्रूव कर दिया, जबकि किस प्रावधान के तहत ऐसा किया गया, यह किसी भी सरकारी दस्तावेज में दर्ज नहीं था। कोटेशन की तुलनात्मक स्टेटमेंट में सेक्शन अफसर के हस्ताक्षर भी नहीं थे, लेकिन तब भी फर्म को सप्लाई ऑर्डर दे दिया गया।
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विभागीय जांच में घोटाले की बात सामने आने पर सरकार ने विजिलेंस ब्यूरो को केस दर्ज कर जांच के आदेश दे दिए। मई में केस दर्ज होने के बाद ब्यूरो ने पाया कि  सैनिटाइजर की बोतलों पर अलग से रेट प्रिंट किए गए थे। इसके लिए प्रयोग में लाई गई मुहर भी ब्यूरो ने बरामद कर ली थी। इसके अलावा कई अन्य साक्ष्य भी मिले जिन्हें चार्जशीट में शामिल किया गया है।

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