9वीं कक्षा से विद्यार्थी अब अपनी पसंद के वोकेशनल विषय में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। इसके लिए छठी से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का ज्ञान दिया जा रहा है। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को जिस विषय के बारे में पढ़ाया जा रहा है। उस विषय के बारे में तकनीकी शिक्षा भी दी जाएगी। हालांकि प्री-वोकेशनल कोर्स करवाने के लिए कोई अलग से विषय नहीं होगा। इसमें विद्यार्थियों को उसी वोकेशनल कोर्स की जानकारी दी जाएगी जो उसके क्षेत्र में चल रहा है।
जैसे सोलन में मशरूम की खेती, टमाटर, कुल्लू में शॉल, शिमला में सेब की खेती सहित सिरमौर में लोईया के संबंध में जानकारी सहित तकनीकी शिक्षा भी दी जाएगी। प्रथम चरण में शिक्षा सत्र 2021-22 में प्रदेश के 240 स्कूलों में प्री वोकेशनल की शिक्षा छठी से आठवीं कक्षा तक देना शुरू कर दिया गया है। अगले सत्र तक इसे सभी स्कूलों में लागू करने की योजना है।
इसके बाद विद्यार्थी 9वीं कक्षा में तकनीकी शिक्षा का ज्ञान लेने के बाद अपनी पसंद का विषय भी ले सकेंगे। प्री वाकेशनल के तहत बच्चों को उद्योगों का भ्रमण करवाकर भी तकनीक ज्ञान दिया जाएगा। उधर, डाइट सोलन के प्रधानाचार्य चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि प्री-वोकेशनल शिक्षा में विद्यार्थी अपनी मर्जी से विषय का अध्ययन कर सकते हैं। अपने अनुसार विद्यार्थी उद्योगों का चयन कर अध्यापकों को बता सकते हैं।
इन विषयों की दी जाएगी जानकारी
विद्यार्थियों को आईटी, ब्यूटी एंड वेलनेस, हेल्थ केयर, फिजिकल एजूकेशन एंड स्पोर्ट्स, रिटेल, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग एंड फाइनेंस, सिक्योरिटी, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, पेपर वर्क, परिधान, मीडिया इंटरटेनमेंट एंड एनिमेशन, प्लंबिंग, पावर, टेलीकॉम और कंस्ट्रक्शन के बारे में सामान्य ज्ञान दिया जाएगा। प्री-वोकेशनल शिक्षा 9वीं कक्षा से दी जाएगी।