शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंत्री-विधायकों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी से संबंधित तीन विधेयक सदन में रखे। इन विधेयकों को सदन में रखा जाना कार्यसूची में पहले से शामिल नहीं था। इन्हें अनुपूरक एजेंडे के रूप में लाया गया। वेतन-भत्तों लगभग 24 फीसदी बढ़ोतरी के बाद अब विधायक को करीब 2.62 लाख रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। कैबिनेट मंत्री को मासिक लगभग 2.90 लाख, विधानसभा अध्यक्ष को भी कैबिनेट मंत्री से थोड़ा सा अधिक और विधानसभा उपाध्यक्ष को लगभग 2.80 लाख रुपये वेतन मिलेगा। इसी तरह मुख्यमंत्री को वेतन व भत्ते के रूप में लगभग तीन लाख रुपये प्रति माह देय होंगे।
इसके अलावा पूर्व विधायकों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है। पूर्व विधायकों को वर्तमान में करीब 80 हजार से 90 हजार रुपये के बीच पेंशन मिलती है। यह एक लाख से 1.10 लाख रुपये तक पेंशन मिलेगी। विधानसभा में सदस्यों ने कहा कि इससे पूर्व वेतन-भत्तों को वर्ष 2016 में बढ़ाया गया था। शुक्रवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस बढ़ोतरी के लिए एकजुट दिखे। वेतन में मूल वेतन, महंगाई भत्ता, सत्कार भत्ता, प्रतिपूरक जैसे भत्ते शामिल हैं।
इतना बढ़ा मूल वेतन और सत्कार भत्ता
मूल वेतन की बात करें तो मुख्यमंत्री को यह 1,15,000 रुपये मिलेगा, जबकि सत्कार भत्ता 1,50,000 रुपये दिया जाएगा। कैबिनेट मंत्री को 95,000 रुपये मूल वेतन, 1,50,000 रुपये सत्कार भत्ता दिया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष को 95,000 रुपये मूल वेतन, 1,50,000 सत्कार भत्ता, विधानसभा उपाध्यक्ष को 92,000 रुपये मूल वेतन और 1,50,000 रुपये सत्कार भत्ता देंगे। इसके अलावा प्रतिपूरक और अन्य भत्तों को जोड़कर वेतन-भत्तों का हिसाब लगाया जाता है।