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पेयजल सस्ता न होने पर सदन में बरपा हंगामा, पार्षदों ने मेयर से पूछा ये सवाल

Tue, 31 Dec 2019 07:35 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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शहरवासियों को सस्ता पानी देने के लिए बुलाई गई पेयजल कंपनी की निदेशक मंडल की बैठक से मेयर-डिप्टी मेयर के गायब रहने के मामले पर सदन में खूब हंगामा बरपा। नई मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में यह पहला सदन था। पहले ही सदन में पार्षदों ने उन्हें निशाने पर ले लिया। पार्षद दिवाकर शर्मा और राकेश चौहान ने मेयर से पूछा कि आखिर 25 दिसंबर को बुलाई बैठक में क्यों नहीं गए?

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क्या रैली के लिए पंफ्लेट बांटना जनता से ज्यादा जरूरी था? यदि फैसला हो जाता तो मर्ज एरिया के हजारों लोगों को 44 की जगह 25 रुपये में पेयजल मिल जाता। इस पर मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि 15 दिन के भीतर बीओडी की बैठक करेंगे। जब ढाई साल मामला लटका रहा तो 15 दिन और इंतजार कर लीजिए। इस पर पूर्व मेयर कुसुम सदरेट भड़क गईं। कहा कि ढाई साल मामला लटका नहीं बल्कि सिरे चढ़ाया।

स्पेशल हाउस तक बुलाया, लेकिन आप लोग बैठक तक में नहीं गए। डिप्टी मेयर से पूछा आप क्यों नहीं गए। जब मैं मेयर थी तो आप रोज इस मुद्दे पर हंगामा करते थे। अब आपको जनता की याद नहीं आई। पार्षद संजीव ठाकुर, आनंद कौशल, सिमी नंदा, शारदा चौहान, विवेक शर्मा, किरण बावा ने कहा कि सस्ते पेयजल के लिए पार्षदों ने पोर्ट ब्लेयर दौरा तक रद्द कर दिया था लेकिन मेयर-डिप्टी मेयर ने बैठक में न जाकर जनता से धोखा किया।
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जनवरी से लागू होगा नया फैसला
पार्षद विवेक शर्मा ने कहा कि फैसला जो भी हो, उसे पहली जनवरी से लागू माना जाए जिससे जनता पर अतिरिक्त बोझ न पडे़। सदन ने इसे पारित कर दिया। पार्षद राकेश चौहान ने पूछा कि 2003 से पहले कनेक्शन ले चुके लोगों को भी व्यावसायिक बिल दिए जा रहे हैं, जो गलत है।

आरएसएस से जुड़ी संस्था को जमीन देने पर हंगामा
नाभा में आरएसएस से जुड़ी संस्था को स्कूल खोलने के लिए सरकारी जमीन देने पर भी सदन में खूब हंगामा हुआ। पार्षद सिमी नंदा ने कहा कि जहां यह स्कूल खुल रहा है, उससे सौ मीटर दूर पहले ही स्कूल है। ऐसे में दूसरा स्कूल क्यों? आयुक्त ने कहा कि यह सरकार की जमीन है, एमसी की नहीं। पार्षद ने कहा कि वार्ड में पार्क है और न पार्किंग। निगम ने क्यों यहां कुछ सुविधा देने की कोशिश नहीं की?

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