फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब ड्राइविंग टेस्ट में खत्म होगी एमबीआई की भूमिका, जानिए क्यों

Wed, 23 Jan 2019 08:10 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश में बढ़ रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अब ड्राइविंग टेस्ट का शेड्यूल बदला जाएगा। ड्राइविंग टेस्ट के लिए अब एमबीआई की भूमिका को खत्म किया जाएगा। आने वाले समय में सेंसर लगी गाड़ियों से ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट लिए जाएंगे, जिससे सड़क हादसों पर रोक लगाई जा सके।

विज्ञापन


यह बात परिवहन विभाग के निदेशक जेएम पठानिया ने धर्मशाला में हुई बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि साफ और चौड़ी सड़कों पर हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ही परिवहन विभाग ने यह निर्णय लिया है।

प्रदेश भर कई स्थानों ऐसे स्थानों पर भी दुर्घटनाएं हुई हैं, जहां सड़कों की हालत बिलकुल ठीक थी। ऐसे में यह हादसे चालकों की लापरवाही के कारण ही हुए। अब इन हादसों पर रोक लगाने के लिए विभाग ऐसे चालकों को ही लाइसेंस जारी करेगा, जो ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट में सफल होंगे।
विज्ञापन


नए पैटर्न से होने वाले टेस्ट के दौरान एमबीआई की जरूरत नहीं होगी। चालक को सेंसर लगी गाड़ी में बैठाकर निर्देश दिए जाएंगे कि कहां उसने रुकना है और कहां मोड़ काटना है।

ऐसे में अगर वह फेल होता है तो गाड़ी बता देगी कि वह ड्राइविंग टेस्ट में पास नहीं हो सका है। उसे लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। बताया कि मौजूदा समय में एक दिन में 300 से 400 तक ड्राइविंग टेस्ट लिए जाते हैं। 

विज्ञापन

सवारियों की संख्या देख जारी होंगी रूट 

संख्या अधिक होने से एमबीआई भी वाहन चालक की ड्राइविंग पर पूरा ध्यान नहीं दे पाता। कई बार ऐसे चालक को लाइसेंस जारी हो जाता है, जो इसके काबिल नहीं होता। ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट में अपात्र चालकों की छंटनी हो जाएगी।

आरटीए की बैठक में कई अन्य मामलों पर भी निदेशक ने बस ऑपरेटरों के साथ चर्चा की। इस दौरान जहां नए रूटों को सेक्शन किया गया, वहीं संशोधित होने वाले रूटों पर भी विचार-विमर्श हुआ। 

परिवहन विभाग के निदेशक ने बताया कि अब विभाग बिना वजह रूट जारी नहीं करेगा। पहले रूट पर मिलने वाली सवारियों, रूटों की संख्या आदि पर विचार करने के बाद ही परमिट दिए जाएंगे।

कम सवारियों पर रूटों पर छोटी बसों को तवज्जो दी जाएगी। ये बसें बाद में बड़ी बसों के साथ तालमेल बैठाकर सवारियों को शिफ्ट करेंगी। इन रूटों को बेरोजगार युवाओं को जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें