विश्व प्रसिद्ध रोहतांग दर्रा इस बार एक माह देरी से मई के दूसरे सप्ताह तक बहाल होगा। बीआरओ के जवान भले ही मनाली और केलांग दोनों तरफ से मार्ग बहाल करने में जुटे हैं, लेकिन अभी भी 80 किलोमीटर लंबा मार्ग बहाल करना बाकी है। रोहतांग दर्रे में इस बार पिछले 35 वर्षों की रिकार्ड तोड़ बर्फबारी हुई है।
बर्फ की 15 से 20 फीट मोटी परत काटकर मार्ग बहाल करना किसी चुनौती से कम नहीं है। इससे चीन बार्डर तक सेना को राशन पहुंचाने में भी देरी होगी। 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि उनके अधीन 222 किलोमीटर मार्ग में से 142 किमी सड़क से बर्फ हटा दी है। 80 किलोमीटर में बहाली शेष है।
उन्होंने दावा किया है कि मई माह में रोहतांग दर्रे को बहाल करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, पिछले वर्ष अप्रैल में ही मार्ग खोल दिया था। उन्होंने कहा कि मौसम के साथ न देने से इस बार मनाली-लेह मार्ग बहाल न होने से सेना को रसद पहुंचाने के लिए भी इंतजार करना पड़ेगा।
कहां तक मार्ग बहाल- बीआरओ ने मनाली से ब्यासनाला तक मार्ग बहाल कर दिया है जबकि केलांग से दारचा से दो किमी आगे तक सेना की मशीनरी पहुंच गई है। इस मार्ग को हिमाचल की सीमा सरचू (लेह) तक बहाल किया जाएगा। उधर, जम्मू कश्मीर की तरफ से भी लेह मार्ग को बहाल किया जा रहा है।