सीएम ने थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन के उद्घाटन के बाद किया एलान, मेडिकल कॉलेजों को मिलेंगे नए उपकरण
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बोले, अब अधिक स्टीक तरीके से होगा उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन शुरू हो गई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को इसका उद्घाटन किया। मशीन की खरीद पर 23 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी के ऑर्थोपेडिक विभाग को विश्व-स्तरीय सुविधाएं मुहैया करवाकर अपग्रेड किया जाएगा। रोबोटिक ऑर्थोपेडिक और स्पाइन सर्जरी भी जल्द शुरू होगी। अस्पताल में अत्याधुनिक आईसीयू स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना, नेरचौक, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज और टांडा अस्पताल में एम्स के बराबर की आधुनिक मशीनें लगेंगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के मकसद से बिना किसी मांग के पुराने उपकरणों और मशीनों को बदलकर इनकी जगह अत्याधुनिक उपकरणों तथा मशीनों को स्थापित करने के लिए कार्य शुरू किया है।
थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन को भी इसलिए स्थापित किया है, 19 साल पुरानी मशीन की जगह नई मशीन लगाई है। इससे मरीजों की जांच अधिक स्टीक तरीके से होगी। उन्होंने चिकित्सकों के लिए देश और विदेश के आधुनिक संस्थानों में एक्सपोजर टुअर आयोजित करने के विभाग को निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियोलॉजी विभाग की मुखिया चिकित्सक ने बताया कि आईजीएमसी और कमला नेहरू अस्पताल में वर्षों पुरानी मशीनें हैं, इनको भी बदला जाएगा। सरकार का यही व्यवस्था परिवर्तन है कि बिना मांग के सरकार अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों, मशीनों को स्थापित कर नई मशीनें लगा रही है। सरकार सेवाओं में सुधार कर आम गरीब आदमी तक बेहतरीन उपचार देने के लिए कार्य कर रही है, जिससे उन्हें प्राइवेट अस्पतालों या पीजीआई न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आईजीएमसी, केएनएच की पुरानी मशीनों को न बदलकर सरकार ने सिर्फ अपने मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए कार्य किया। उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल, स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी, शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान, आईजीएमसी की प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर और एमएस डाॅ. राहुल राव मौजूद रहे।