सड़कों पर हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने 142 दुर्घटना स्थल (ब्लैक स्पॉट) चिह्नित किए हैं। पुलिस ने यहां क्रैश बैरियर लगाने, संकरे हिस्सों को चौड़ा करने, मलबा हटाने, सूचना पट्ट लगाने के लिए संबंधित ब्लैक स्पॉट की जानकारी लोनिवि, एनएचएआई और बीआरओ सहित सड़क स्वामित्व वाली एजेंसियों के साथ साझा की है।
हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों, जिला और ग्रामीण सड़कों पर हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने 142 दुर्घटना स्थल (ब्लैक स्पॉट) चिह्नित किए हैं। पुलिस ने यहां क्रैश बैरियर लगाने, संकरे हिस्सों को चौड़ा करने, मलबा हटाने, सूचना पट्ट लगाने के लिए संबंधित ब्लैक स्पॉट की जानकारी लोनिवि, एनएचएआई और बीआरओ सहित सड़क स्वामित्व वाली एजेंसियों के साथ साझा की है। पुलिस विभाग का कहना है कि हिमाचल में सड़क हादसे कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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ओवर स्पीड पर वाहन न चलाना, गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल न सुनना, हेलमेट का प्रयोग, बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन न चलाना आदि नियम बनाए गए हैं। अगर कोई वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों, मुख्य जिला सड़कों पर ऐसे स्पॉट की पहचान की जा रही है, जहां हादसों की आशंका बनी होती है। विभाग के अनुसार बीते 5 साल के आंकड़ों के आधार पर पाया गया है कि प्रदेश में हर साल औसतन 2700 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं और 1100 मौतें हो रही हैं।