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रिवर राफ्टिंग: महिला मैराथन में बीएसएफ चैंपियन, पुरुषों में सेना ने झटके तीन गोल्ड मेडल

Fri, 08 Oct 2021 06:50 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, नादौन/हमीरपुर

सार

 प्रतियोगिता के अंतिम दिन हुए पुरुषों के मुकाबले में आर्मी सेना की टीमों का दबदबा रहा। आर्मी अल्फा ने पहला, आर्मी चार्ली ने दूसरा और आर्मी ब्रेवो ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्थानीय युवक और युवतियों को बेस्ट प्रॉमिसिंग टीम की ट्रॉफी प्रदान की गई।
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रिवर राफ्टिंग मैराथन में विजेता रहीं टीमें। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश पर्यटन निगम, इंडियन राफ्टिंग फाउंडेशन और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में नादौन की ब्यास नदी में ऑल इंडिया रिवर राफ्टिंग मैराथन सीरीज में महिला मैराथन में बीएसएफ की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। आईटीबीपी ब्रेवो ने दूसरा और आईटीबीपी अल्फा को तीसरा स्थान मिला। मिश्रित वर्ग में आईटीबीपी चार्ली प्रथम, बीएसएफ ब्रेवो द्वितीय और आईटीबीपी ब्रेवो तृतीय रही। प्रतियोगिता के अंतिम दिन हुए पुरुषों के मुकाबले में आर्मी सेना की टीमों का दबदबा रहा। आर्मी अल्फा ने पहला, आर्मी चार्ली ने दूसरा और आर्मी ब्रेवो ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्थानीय युवक और युवतियों को बेस्ट प्रॉमिसिंग टीम की ट्रॉफी प्रदान की गई।

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प्रतियोगिता के अंतिम दिन उपायुक्त देबश्वेता बनिक न विजेताओं को पुरस्कार बांटे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता से नादौन को पूरे देश में नई पहचान मिली है। भारत में पहली बार करवाई गई प्रतियोगिता में देश की 44 टीमों ने हिस्सा लिया। पर्यटन निगम, जिला प्रशासन और राफ्टिंग एसोसिएशन का यह प्रयास काफी सफल साबित हुआ है। भविष्य में इसका विस्तार किया जाएगा। डीसी ने कहा कि हाल ही में प्रशिक्षित किए गए स्थानीय युवक और युवतियों ने भी प्रतियोगिता में सराहनीय प्रदर्शन किया। 
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समापन पर हंगामा, सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगा रो पड़े राफ्टर
वहीं,  चार दिवसीय राष्ट्रीय रिवर राफ्टिंग मैराथन सीरीज के समापन पर हंगामा हो गया। विजेताओं और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह नहीं मिलने से यह हंगामा हुआ। प्रतिभागियों ने टी-शर्ट और टोपी नहीं दिए जाने पर रोष जताया। आरोप है कि प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रही सीमा सुरक्षा बल की महिला टीम को न तो प्रमाण पत्र और न ही टी-शर्ट दी गई। सम्मान नहीं मिलने से एक महिला खिलाड़ी समारोह स्थल पर ही रोने लगी। दूसरी टीमों के प्रतिभागियों ने भी ऐसा ही आरोप लगाया। प्रतिभागियों का कहना है कि जहां एक और प्रदेश सरकार ने इस प्रतियोगिता के लिए लाखों का बजट उपलब्ध करवाया था।
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वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आयोजकों ने प्रति टीम 10 हजार फीस भी ली थी।, लेकिन जैसे ही मुख्य अतिथि और अन्य अधिकारी कार्यक्रम के समापन के बाद वहां से गए तो आयोजकों ने प्रत्येक टीम के सदस्यों को अपने स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र लेने के लिए बुलाया। लेकिन कुछ ही टीमों के बाद स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र खत्म हो गए। इसके बाद कुछ टीम प्रभारियों और आयोजकों के बीच काफी बहस भी हुई। इसी दौरान कई खिलाडिय़ों ने बताया कि उन्हें तो आयोजन के लिए विशेष तौर पर बनाई गई टी शर्ट तक नहीं मिली है। तब जाकर पता चला कि प्रतियोगिता की महिला विजेता टीम को भी यह सामान उपलब्ध नहीं करवाया गया है। राष्ट्रीय राफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष शौकत सिकंद ने कहा कि टी-शर्ट उपलब्ध करवाना उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
 

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