सचिवालय में वरिष्ठ सहायक बनने के लिए प्रदेश सरकार नियमों में संशोधन करने की तैयारी में है। अभी वरिष्ठ सहायक बनने के लिए कनिष्ठ सहायकों की 10 साल सर्विस होना अनिवार्य किया है। अब सरकार इसे 7 साल करने पर विचार कर रही है। कर्मचारियों को फायदा देने के लिए सरकार नियमों में संशोधन करने जा रही है।
इस बाबत फाइल को आगे बढ़ा दिया है। सचिवालय में वरिष्ठ सहायकों की कमी चल रही है। यह पद कनिष्ठ सहायकों को पदोन्नत कर भरे जाते हैं। इसके लिए सरकार ने 10 साल की सेवा शर्त लागू की है। बीते महीने सरकार ने जिन 25 वरिष्ठ सहायकों को पदोन्नति दी थी, उनका 10 साल के सेवाकाल पूरा हो गया था।
इनकी तैनाती से भी सचिवालय में 60 पद अभी भी खाली चल रहे हैं। कनिष्ठ सहायकों को इसलिए पदोन्नत नहीं किया जा रहा है, चूंकि इनका पद पर सेवाकाल 10 साल से कम है। इसके चलते सरकार इसे 7 साल किए जाने पर विचार कर रही है।
प्रदेश सचिवालय कर्मचारी सेवा संगठन के महासचिव ज्योति चौहान ने बताया कि कर्मचारी महासंघ ने इस मामले को सरकार से उठाया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और सचिवालय प्रशासन सचिव ने मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांग को देखते हुए सरकार ने फाइल को आगे बढ़ाया है।