एचआरटीसी और निजी बसों में सीट आरक्षण को लेकर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। 50 किलोमीटर दूरी वाले रूटों पर चलने वाली बसों में विशेष श्रेणी यात्रियों के लिए सीटें रिजर्व रखनी होंगी। एचआरटीसी की कुछ बसों में 50 के स्थान पर दूरी घटा कर 40 किलोमीटर दर्शाई गई है।
परिवहन विभाग ने बसों में र्बाईं ओर की सभी सीटें बुजुर्गों, महिलाओं, अपंगों और कैंसर पीड़ितों के लिए आरक्षित की हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 40 नहीं बल्कि 50 किलोमीटर दूरी वाले रूटों पर चलने वाली बसों में सीटें आरक्षित रहेंगी।
सोलन-शिमला रूट पर फिक्स किराये वाली एचआरटीसी बस में कंडक्टर ने महिलाओं को यह कह कर आरक्षित सीटें उपलब्ध करवाने से इंकार कर दिया था कि यह सुविधा सिर्फ 40 किलोमीटर के दायरे में चलने वाली बसों पर लागू की गई है।
सोलन से शिमला की दूरी 45 किलोमीटर है, इसलिए महिलाओं को आरक्षित सीट का लाभ नहीं मिलेगा। महिलाओं ने इसकी शिकायत परिवहन विभाग के उपनिदेशक से की। अब आरक्षण से संबंधित अधिसूचना के आधार पर कंडक्टर को चेतावनी जारी की है।
एक किमी बाद किराया लौटाने का प्रावधान
50
किलोमीटर दूरी वाले रूटों पर सफर करते हुए स्पेशल केटेगरी पैसेंजर को यदि
कंडक्टर एक किलोमीटर तक सीट उपलब्ध नहीं करवाता तो उसे सवारी को किराया
वापस देना होगा।
बसों में 40 फीसदी आरक्षण
50 किलोमीटर तक की दूरी वाले रूटों पर चलने वाली बसों में 40 फीसदी सीटें विशेष श्रेणी यात्रियों के लिए आरक्षित की गई हैं। कुछ महिलाओं ने सोलन-शिमला रूट पर चलने वाली बस को लेकर शिकायत की थी, संबंधित बस कंडक्टर को विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई है।
- कैप्टन रमन कुमार शर्मा, उपनिदेशक, परिवहन विभाग