अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक का अपना शोध केंद्र होगा, जिसमें पहाड़ी क्षेत्र में होने वाली बीमारियों पर अध्ययन किया जाएगा। मेडिकल यूनिवर्सिटी ने इसके लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा है। तर्क दिया गया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अक्सर कई बीमारियां उभरकर सामने आती हैं।
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बीमारियों के कारणों का पता नहीं चल पाता और कई लोगों की जान भी चल जाती है। चर्म रोग, पेपिलोमा, एलर्जी सहित कई तरह की बीमारियां हैं, जिनके कारणों को समझने के लिए इस केंद्र में शोध किया जाएगा। इस शोध केंद्र में एक वायरस आइसोलेशन, बीमारियों की प्रकृति को समझने के लिए हर प्रकार के उपकरण, विशेष लैब स्थापित की जाएगी। वीसी सुरेंद्र कश्यप का कहना है कि मेडिकल यूनिवर्सिटी में एक उच्च स्तरीय शोध केंद्र बनाने की योजना है। इसके लिए कवायद शुरू कर दी है।
शिक्षकों और प्रशिक्षुओं को मिलेगी मदद
मेडिकल यूनिवर्सिटी में शोध केंद्र बनने से प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों और प्रशिक्षुओं को इससे बहुत मदद मिलेगी। मेडिकल कॉलेजों के स्टाफ और प्रशिक्षुओं को बेहतर तरीके से मेडिकल शिक्षा देने के लिए शोध केंद्र की यहां पर बहुत आवश्यकता है। इसके लिए बजट का प्रावधान करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार सरकार की ओर से बजट देने के लिए हामी भर दी गई है।