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ज्वालाजी में रिकार्ड, चिंतपूर्णी में घटा चढ़ावा

Sun, 05 Oct 2014 12:54 PM IST
कपिल शर्मा/अमर उजाला, ज्वालामुखी (कांगड़ा)
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शक्तिपीठ ज्वालाजी में नवरात्र के दौरान मां के चरणों में इस बार रिकार्ड चढ़ावा चढ़ा है जबकि ऊना जिले के चिंतपूर्णी मंदिर में इस बार 75 लाख 89 हजार रुपये ही चढ़ावे के रूप में मंदिर न्यास को प्राप्त हुए। पिछले साल 80 लाख रुपये चढ़ावा चढ़ा था।
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2013 में शारदीय नवरात्र के दौरान ज्वालाजी में 45 लाख 64 हजार 623 रुपये का नकद चढ़ावा, 30 ग्राम 100 मिली ग्राम सोना श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में अर्पित किया था। लेकिन, इस बार चढ़ावे का नया रिकार्ड बन गया है। 2014 में शारदीय नवरात्र के दौरान नौ दिन में 56 लाख 26 हजार 374 रुपये नकद और 110 ग्राम 400 मिली ग्राम सोना, 3 किलो 96 ग्राम चांदी श्रद्धालुओं ने मंदिर में चढ़ाई।

मान्यता है कि नवरात्र में किए गए पूजन यज्ञ का कई लाख गुणा अधिक फल मां के दरबार में मिलता है। नवरात्र में किए जाने वाले दान का भी विशेष महत्व होता है। सहायक मंदिर आयुक्त संजीव कुमार ने बताया कि नवरात्र शांतिपूर्वक संपन्न हुए हैं। नवरात्र में श्रद्धालुओं ने चढ़ावे का नया रिकार्ड बनाया है।
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तीसरे नवरात्र में 9 लाख का चढ़ावा 
ज्वालाजी मंदिर में श्रद्धालुओं ने पहले नवरात्र को 4 लाख 76 हजार 15 रुपये, सोना 4 ग्राम, चांदी 164 ग्राम, दूसरे नवरात्र में 3 लाख 65 हजार 154 रुपये नकद, सोना 14 ग्राम, चांदी 275 ग्राम, तीसरे नवरात्र में 9 लाख 79 हजार 825 रुपये, सोना 400 मिलीग्राम, चांदी 385 ग्राम, चतुर्थ नवरात्र में 5 लाख 84 हजार 311 रुपये, सोना 2 ग्राम, चांदी 1 किलो 333 ग्राम, पांचवें नवरात्र में 5 लाख 40 हजार 111 रुपये, सोना 7 ग्राम, चांदी 347 ग्राम, छठे नवरात्र में 5 लाख 87 हजार 584, सोना 1 ग्राम, चांदी 290 ग्राम, सातवें नवरात्र में 9 लाख 14 हजार 75 रुपये, सोना 77 ग्राम, चांदी 252 ग्राम, आठवें नवरात्र में 7 लाख 3 हजार 157 रुपये नकद, सोना 3 ग्राम, चंादी 770 ग्राम, नौवें नवरात्र में 4 लाख 76 हजार 142 रुपये नकद, सोना 2 ग्राम, चांदी 280 ग्राम श्रद्धालुओं ने अर्पित की।

छह लाख भक्तों ने नवाया शीश
शारदीय नवरात्र के दौरान कांगड़ा जिले के तीनों शक्तिपीठों में छह लाख श्रद्धालुओं ने मां के दरबार शीश नवाया। चामुंडा मंदिर में नवरात्र के दौरान ढाई लाख भक्तों ने मां के दर्शन किए। वहीं, बज्रेश्वरी मंदिर नौ दिन में डेढ़ लाख भक्त मां की पिंडी के दर्शन करने पहुंचे।

मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने मां का आशीष लिया। पीपल के पेड़ में डोरियां बांध कर श्रद्धालुओं ने मां से मन्नत मांगी। ज्वालाजी में 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मैया के दरबार में हाजिरी भरकर पवित्र ज्योतियों के दर्शन किए।
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