फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पढ़िए, ये है हिमाचल की नई परिवहन नीति

Thu, 09 Oct 2014 01:04 PM IST
प्रेम प्रताप सिंह/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश की परिवहन नीति बनकर तैयार है। पांच माह के मंथन के बाद नई नीति का ड्राफ्ट बन पाया है। अगली कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाने की पूरी तैयारी है, जिसमें सड़क हादसों को रोकने से लेकर प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन सेवाएं पहुंचाने की कोशिश है।
विज्ञापन


इसके जरिये प्रदेश के युवाओं को रोजगार से भी जोड़ने का प्रावधान किया जा रहा है। रूटों को रेशनलाइजेशन करने की भी योजना बनाई गई है। यह अलग बात है कि इस नीति से हिमाचल प्रदेश कैबिनेट के सदस्य कितने सहमत हो पाते हैं या फिर उसे हूबहू अपनी स्वीकृति प्रदान कर देते हैं।

चालकों के लिए प्रावधान
वाहन चालकों के लिए भी नीति में प्रावधान होगा। उन्हें भी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र देना होगा। यह बताना होगा कि उन्हें मिर्गी या हृदय की बीमारी नहीं है। जिन ड्राइवरों को ऐसी बीमारी होगी, उन्हें रूट पर नहीं भेजा जाएगा।
विज्ञापन


गांवों में बेहतर परिवहन सेवा
हिमाचल प्रदेश में गांवों की भी परिवहन सेवा बेहतर की जाएगी। प्रदेश का हर व्यक्ति अपने घर तक आसानी से पहुंच सके इसके लिए नई परिवहन नीति में प्रावधान किया गया है। ग्रामीण इलाकों में परिवहन सेवाएं संचालित करने के लिए निजी क्षेत्रों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो उन्हें टैक्स में छूट भी दी जा सकती है।

रात्रिकालीन बस सेवा
शहरों में रात्रिकालीन बस सेवा शुरू करने पर भी नई नीति में प्रावधान किया गया है। इसके जरिये प्रदेश के यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मुहैया कराना है, जिससे कोई भी यात्री कभी भी अपने गंतव्य तक पहुंच सके। इसके लिए भी निजी क्षेत्र को टैक्स में छूट देकर प्रोत्साहित किया जा सकता है।

महिला यात्रियों को सुविधा
हिमाचल प्रदेश के नई परिवहन नीति में महिला यात्रियों पर विचार किया गया है। उनके लिए भी अलग से बसें या अन्य सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। इसका मकसद महिलाओं को सुरक्षित यात्रा प्रदान करना है। ड्राफ्ट में इसका भी उल्लेख किया गया है।

घाटे वाले रूट पर सब्सिडी
जो रूट घाटे पर चल रहे हैं, उन रूटों के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी का प्रावधान हो सकता है ताकि किसी भी रूट पर एचआरटीसी की बसें बंद करने की जरूरत न पड़े। प्रदेश के हर नागरिक को आसानी से परिवहन सेवा उपलब्ध हो सके। इतना ही नहीं रूटों का रेशनलाइजेशन भी किया जाएगा।

हादसे रोकने के लिए खास उपाय

नई परिवहन नीति में सबसे बड़ी प्राथमिकता सड़क सुरक्षा है। प्रदेश में बस हादसों और अन्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अहम कदम उठाने जा रही है। इसके तहत ब्लैक स्पॉट से लेकर खतरनाक सड़कों के सुधार पर जोर दिया जाएगा। नई तरह की बसें लाने पर भी विचार किया जा सकता है, जिससे हादसे कम हों।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें