हिमाचल प्रदेश में राशन कार्ड ई-केवाईसी करने की प्रक्रिया 21 अक्तूबर से शुरू होगी। तकनीकी खराबी के चलते यह काम रुका हुआ था। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या पंजीकृत की जा रही है।
ई-केवाईसी के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्म तिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुसार ही हो। इस प्रक्रिया को 31 अक्तूबर, 2023 तक पूर्ण किया जा रहा है। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने बताया कि सर्वर में अचानक तकनीकी समस्या से ई-केवाईसी की प्रक्रिया बाधित हो गई थी, जिसे दुरुस्त किया जा रहा है।
सरकार ने दुकानों में मूल्य सूची लगाना किया अनिवार्य
हिमाचल में लोगों को उचित दामों पर खाद्य वस्तुएं उपलब्ध हों, इसके चलते प्रदेश सरकार ने खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अगर कोई दुकानदार मूल्य सूची नहीं लगाता है तो उनके चालान करने के निर्देश दिए हैं। बाकायदा विभाग ने इसकी मुख्यालय को रिपोर्ट देने को कहा है। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक आरके गौतम ने बताया कि सभी दुकानदारों को मूल्य सूची लगाना अनिवार्य है और ऐसा न करने तथा तय मूल्य से अधिक पर सामान बेचने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि आगे भी विभाग द्वारा इस प्रकार औचक निरीक्षण हर रोज किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि विभाग को ठियोग, ननखड़ी कुमारसैन, सोलन, हमीरपुर से लगातार अधिक दाम वसूलने की शिकायतें मिली हैं। इसमें कहा गया है कि दुकानदार खाद्य वस्तुओं के मर्जी के दाम वसूल कर रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को अपने आपको ठगा से महसूस कर रहे हैं। शिकायत करने के बावजूद भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। ऐसे में विभाग ने सख्त कार्रवाई करने को कहा है।