नेशनल हाइवे पर पहाड़ी में आई दरार के चलते भूस्खलन की आशंका को भांपकर 15 मिनट पहले ही मार्ग से यातायात रोक दिया गया था। हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर के ज्यूरी में चार सितंबर की रात से भूस्खलन हो रहा था। सोमवार सुबह मार्ग बहाल करने के बाद पहाड़ी में पड़ी दरार पर नजर गई थी। इस कारण मार्ग से यातायात रोक दिया गया था। भूस्खलन के कारण मार्ग बंद होने से अब एनएच के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। इनमें हजारों लोग हैं। किन्नौर से सेब मंडियों में जा रहे वाहन भी फंसे हैं। इनके अलावा दर्जनों बसें और छोटे-बड़े वाहन मार्ग बंद होने के कारण फंस गए हैं। एनएच प्राधिकरण दोनों तरफ से बड़ी पोकलेन मशीनें, जेसीबी और लोड मशीन से सड़क की बहाली में जुटा है।
नेशनल हाइवे ज्यूरी के जेई चंद्र शास्त्री के मुताबिक ज्यूरी में 4 सितंबर की रात से भूस्खलन होना शुरू हो गया था। बीच में विभाग मशीन लगाकर मार्ग को खोलता रहा। पांच सितंबर की रात को भूस्खलन के कारण सड़क फिर बंद हो गई थी। सुबह करीब 6 बजे विभाग ने मशीनें लगाकर मार्ग बहाल कर दिया था। पहाड़ी में आई दरार से भारी भूस्खलन का अंदेशा होने पर उन्होंने ज्यूरी चौकी इंचार्ज से फोन पर मार्ग के दोनों ओर वाहनों को रुकवाने के लिए मौके पर बुलाया था। ज्यूरी से चौकी प्रभारी देवराज ठाकुर स्वयं जवानों को लेकर मौके पर पहुंचे और ट्रैफिक को भूस्खलन वाले स्थान से दूर रोक दिया। इसके 15 मिनट के अंदर ही पहाड़ी का काफी बड़ा हिस्सा नेशनल हाइवे से होते हुए सतलुज नदी में गिर गया। नेशनल हाइवे पर बार-बार ऐसे भूस्खलन किन्नौर से आने वाले सेब को समय पर मंडियों में पहुंचने में बाधा बन सकता है, किन्नौर की तरफ जाने वाले लोगों के मन में डर का माहौल भी बन गया है।