प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस और पूर्व मुख्य सचिव रामसुभग सिंह को विशेष मुख्य सचिव पद से हटा दिया है। वीरवार को कार्मिक विभाग से जारी अधिसूचना के तहत रामसुभग सिंह से ऊर्जा विभाग का जिम्मा वापस ले लिया गया है। रामसुभग सिंह को बिजली बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह ऊर्जा क्षेत्र के लिए नई योजनाओं और दुग्ध उत्पादन को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को बतौर प्रधान सलाहकार इन मामलों को लेकर सलाह देते रहेंगे।
उधर, सचिव कृषि और भाषा संस्कृति विभाग राकेश कंवर को पशुपालन और मत्स्य विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। 31 दिसंबर 2022 को प्रदेश सरकार ने प्रधान सलाहकार रामसुभग सिंह को विशेष मुख्य सचिव नियुक्त किया था। उन्हें ऊर्जा विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। पूर्व की भाजपा सरकार ने रामसुभग सिंह को मुख्य सचिव पद से हटाकर आरडी धीमान को मुख्य सचिव बनाया था।
31 दिसंबर को आरडी धीमान के सेवानिवृत्त होने पर प्रबोध सक्सेना को प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। इसी दौरान सरकार ने प्रधान सलाहकार रामसुभग सिंह को विशेष मुख्य सचिव का दर्जा देते हुए ऊर्जा विभाग उन्हें सौंपा। बीते एक माह के दौरान रामसुभग सिंह ने ऊर्जा महकमे के अधिकारियों के साथ कई समीक्षा बैठकें कीं। दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में भी शामिल हुए। बीते दिनों ही सरकार ने आईएएस राजीव शर्मा को ऊर्जा विभाग का सचिव नियुक्त किया था।
इस आदेश के बाद से ही रामसुभग सिंह से ऊर्जा विभाग वापस लिए जाने के कयास लगना शुरू हो गए थे। ऊर्जा विभाग की फाइलें मुख्य सचिव से होते हुए मुख्यमंत्री तक जाती हैं। रामसुभग सिंह को सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था। ऐसे में प्रशासनिक अड़चनों से बचने के लिए सरकार ने रामसुभग सिंह से ऊर्जा महकमा वापस ले लिया है।