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विधानसभा: बागवानी की विश्व बैंक परियोजना पर राकेश सिंघा और जगत नेगी ने मंत्री को घेरा

Mon, 07 Mar 2022 11:02 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

राज्य बागवानी विभाग में क्लस्टर प्रणाली पर सवाल उठाते हुए विधायकों ने परियोजना के तहत हो रहे कार्यों की कमियां गिनाईं। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि केवल एम 9 किस्म को छोड़कर बाकी अन्य किस्मों के लिए पानी की ज्यादा जरूरत नहीं होती है। ऐसे में बारिश के पानी का संग्रहण कर भी बागवानों को लाभ पहुंचाया जा सकता है।
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राकेश सिंघा और जगत नेगी ने मंत्री महेंद्र को घेरा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागवानी क्षेत्र के लिए विश्व बैंक से स्वीकृत परियोजना पर सोमवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान माकपा विधायक राकेश सिंघा और कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर को जमकर घेरा। राज्य बागवानी विभाग में क्लस्टर प्रणाली पर सवाल उठाते हुए विधायकों ने परियोजना के तहत हो रहे कार्यों की कमियां गिनाईं। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि केवल एम 9 किस्म को छोड़कर बाकी अन्य किस्मों के लिए पानी की ज्यादा जरूरत नहीं होती है। ऐसे में बारिश के पानी का संग्रहण कर भी बागवानों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। इस परियोजना में छत से पानी का संग्रहण करने की व्यवस्था भी होनी चाहिए। कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने भी इस प्रोजेक्ट में क्लस्टर की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा किस परामर्शक की राय पर किया जा रहा है।  

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जवाब में बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2016-17 में इसे लेकर परियोजना रिपोर्ट बनी थी और तब कांग्रेस सरकार का ही कालखंड था। अगर भवन की नींव में ही खामियां हों तो आशाजनक परिणाम नहीं आते। अब यह परियोजना एक या दो साल के लिए है। कई कमियां रह जाती हैं, जिससे वह सहमत हैं। इस परियोजना की अवधि पर एक से दो वर्ष के लिए शेष बची है। इस परियोजना की समीक्षा का समय अब निकल चुका है। इसमें ही सुधार करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होेंने इस परियोजना को धरातल पर लागू करने के लिए आम लोगों से भी सहयोग मांगा। 

सेब के लिए बागवानी परियोजना में 281 क्लस्टर पंजीकृत किए 
मंत्री ने जवाब दिया कि विश्व बैंक से वित्तपोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत सेब के लिए 281 क्लस्टर पंजीकृत किए गए हैं। 50-60 हेक्टेयर के कैचमेंट क्षेत्र को समान हाइड्रोलॉलिक सीमा में चुना जा रहा है। यह जल अधिकारों के अनुसार हाइड्रोलॉलिक सीमा के हिसाब से 50 हेक्टेयर से कम भी हो सकती हैं। इस परियोजना के तहत 9 उठाऊ पेयजल योजनाओं को बनाने की योजना बनाई गई है। इनमें से तीन निर्माणाधीन हैं। 

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भेड़-बकरियों की मौत पर मुआवजा राशि बढ़ाने का प्रस्ताव

 राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि भेड़-बकरियों की मौत पर मुआवजा राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इस मामले को लेकर व्यक्तिगत तौर पर केंद्रीय मंत्रालय से बात करूंगा। विधायक जिया लाल के सवाल पर मंत्री ने कहा कि अधिकतम 30 भेड़ और बकरियों की मौत पर 3 हजार रुपये की दर से मुआवजा राशि दी जाती है। 30 भेड़-बकरियों की शर्त को हटाने की केंद्र सरकार से मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि भेड़-बकरियों को टक्कर मारने वाली गाड़ियों के चालकों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 
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यूक्रेन में फंसे हिमाचली विद्यार्थियों की सदन में रोज देंगे जानकारी : जयराम

 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि यूक्रेन में फंसे 410 छात्रों को सकुशल हिमाचल लाया गया है। वहां विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से सरकार संपर्क में है। केंद्र और राज्य सरकार उन लोगों की हरसंभव मदद कर रही है। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि यूक्रेन में फंसे लोगों और विद्यार्थियों की जानकारी वह बजट सत्र के दौरान सदन में रोज साझा करेंगे। कहा कि अब 58 विद्यार्थियों को देश लाया जाना है। वहां फंसे विद्यार्थी खुद भी सरकार को बताते हैं कि उन्हें कैसे भारत और फिर हिमाचल लाया जा सकता है। 

खलड़ी में सबको रहना होगा: मुकेश 
वन मंत्री राकेश पठानिया ने बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए विधायक विक्रमादित्य पर जवाबी हमला बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने ईडी के छापों का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा परिवार जमानत पर चल रहा है। विक्रमादित्य ने कहा कि ईडी किसी के खिलाफ भी जांच कर लेती है। कहा कि आपके प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। इस पर मंत्री बोले- मैं नहीं, यह ईडी का प्रमाणपत्र है और आपको खलड़ी में रहना चाहिए। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सदस्य चाहे सत्ता पक्ष के हैं या फिर विपक्ष के खलड़ी में सबको ही रहना है। विपक्ष के सदस्य के खिलाफ इस तरह नहीं बोला जाए। 
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