प्रदेश के बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने जैसे ही पेट्रोल पंपों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो का जिक्र किया तो सत्तापक्ष बुरी तरह से उखड़ा और कड़ा विरोध करने लगा। इसके बाद विपक्ष के सदस्य भी खड़े हो गए और कुछ ही देर में सदन में हंगामा होने लगा। इसके बाद जैसे ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सदन में आए और उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा को बनाए रखना सभी सदस्यों का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने नाराजगी भरे अंदाज में कहा कि देश के प्रधानमंत्री की गरिमा को बनाए रखें और कोई भी टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री का पद गरिमापूर्ण है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के इस अंदाज पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले यह तो बताएं विधायक जगत सिंह ने आपत्तिजनक शब्द बोले क्या हैं? यह सवाल मुकेश सदन में बार-बार पूछते रहे। जगत सिंह नेगी ने जब प्रधानमंत्री के फोटो को लेकर जिक्र किया तो उस समय मुख्यमंत्री सदन में नहीं पहुंचे थे। जब सदन में मामले लेकर हंगामा हुआ तो मुख्यमंत्री सदन में आए। इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने विधायक जगत सिंह नेगी के चर्चा के दौरान फोटो का जिक्र करने पर कड़ी आपत्ति की और कहा कि देश और प्रधानमंत्री की गरिमा होती है। इसे बनाकर रखना सबका दायित्व है। उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि सदस्य के कहे आपत्तिजनक शब्दों को रिकार्ड से बाहर किया जाए।
इस पर अध्यक्ष विपिन परमार ने व्यवस्था दी कि पूरा रिकॉर्ड देखा जाएगा और अगर सदस्य ने कोई आपत्तिजनक शब्द कहे होंगे तो उनको रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा। इससे पहले चर्चा में हिस्सा लेते हुए राकेश जमवाल ने कहा कि बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। पूरा विपक्ष बजट का विरोधी है। सुभाष ठाकुर ने कहा कि बजट में सर्व स्पर्शी है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि बजट में नयापन नहीं था। शराब मामले में एसएचओ, एसपी और डीसी को निलंबित नहीं किया। परम जीत पम्मी ने कहा कि गरीबों को तीन मुफ्त सिलिंडरों से काफी राहत मिलेगी। बलबीर सिंह ने कहा कि चौपाल क्षेत्र का विकास हो रहा है। लखविंद्र राणा ने कहा कि रामगढ़ में बीडीओ दफ्तर खोला जाए, खनन माफिया पर शिकंजा कसा जाए और उनके इलाके में एक कॉलेज खोला जाए।
चर्चा के दौरान वरिष्ठ अधिकारी दीर्घा से गायब
बजट पर चर्चा के दौरान वरिष्ठ अधिकारी दीर्घा से गायब थे तो विपक्ष के सदस्य रामलाल ठाकुर ने सभापति का ध्यान अधिकारी दीर्घा की तरफ दिलाया। उन्होंने कहा कि दो बार बोलने के बाद भी अधिकारी दीर्घा में नहीं दिख रहे। इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्य सचिव के ध्यान में मामला लाया गया है और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। इसके थोड़ी देर बाद अधिकारी दीर्घा में बैठने लगे।