सिंघवी के नाम की निकली पर्ची, विजेता हर्ष घोषित
34-34 मत होने के बाद भाजपा के विधायक कांग्रेस के चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू का वोट रद्द करने की मांग कर रहे थे। भाजपा का आरोप था कि सरकार ने उन्हें होशियारपुर से लाने के लिए सरकारी हेलिकाप्टर भेजा और उसके बाद शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाईअड्डे पर सरकारी गाड़ी से उन्हें लेने गए, जो नियमों के विपरीत है। निर्वाचन आयोग ने भाजपा से इसके सबूत मांगे, जिन्हें भाजपा नेता नहीं दे पाए। इसके बाद आयोग ने पर्ची से विजेता घोषित करने का फैसला लिया। दोनों प्रत्याशियों के नाम की पर्ची डालने के बाद कांग्रेस के प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी के नाम की पर्ची निकली। नियमों के अनुसार जिसके नाम की पर्ची नहीं निकलती है, उसे विजेता घोषित किया जाता है। इस तरह हर्ष महाजन को विजेता घोषित किया गया।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से भाजपा में आए थे महाजन
कांग्रेस नेता हर्ष महाजन विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर 2022 में ही भाजपा में आए थे। वह पहले कांग्रेस के वरिष्ठ एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के प्रमुख सलाहकारों में एक रहे हैं। पूर्व वीरभद्र सरकार में हर्ष पशुपालन मंत्री भी रहे हैं। राज्यसभा चुनाव में हर्ष को आगे कर भाजपा ने कांग्रेस सरकार को यह बड़ा झटका दिया है।
कृपाल परमार राज्यसभा सांसद चुने तो भी हुई थी क्रॉस वोटिंग
कृपाल परमार को राज्यसभा सांसद चुना गया तो भी क्रॉस वोटिंग हुई थी। उस वक्त प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व की सरकार थी। उस वक्त वोट को दिखा नहीं सकते थे। यह वर्ष 2000 के वक्त की बात है। पिछले एक अन्य राज्यसभा चुनाव में विधायक कृष्णा मोहिनी ने अपना वोट दिखा दिया था तो वह अवैध करार दिया था। अब वोट दिखाए जा सकते हैं। राज्य में एक बार चौंकाने वाली परिस्थितियों में सरकार गिरने का सियासी घटनाक्रम भी हो चुका है। वर्ष 1998 में जब हिविकां के समर्थन से वीरभद्र सरकार बनी तो उस वक्त निर्दलीय विधायक रमेश धवाला ने समर्थन वापस ले लिया था। उस समय भी कांग्रेस सरकार गिर गई थी और धूमल के नेतृत्व में सरकार बनी थी।
जो हिमाचल प्रदेश में कभी नहीं हुआ था, वह हुआ : जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हर्ष महाजन की ऐतिहासिक जीत हुई है। जो हिमाचल प्रदेश में कभी नहीं हुआ था, वह हुआ है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हृदय से धन्यवाद करते हैं। इनके मार्गदर्शन से प्रदेश हमेशा आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा मुकाबले में नहीं थे। सोच रहे थे कि चुनाव लड़े कि नहीं। भाजपा में 25 थे और वे 40 थे। तीन निर्दलीय भी साथ थे। वे डराते रहते थे। उन्होंने तय किया लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत पार्टी का निर्णय आया कि हारना-जीतना चला रहता है। 25 से वे 34 पहुंचे और टाई हो गए। सबने सहयोग दिया, उसके लिए वह आभार जताते हैं। मुख्यमंत्री को अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए।