हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे बंडारू दत्तात्रेय ने अपने कार्यकाल के दौरान चीन सीमा के साथ लगते जनजातीय क्षेत्रों लाहौल-स्पीति और किन्नौर के विकास पर जोर दिया। उन्होंने डीजीपी संजय कुंडू को इस क्षेत्र में आम लोगों से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए थे। इसी के बाद एसपी स्तर के कई अफसरों को इन क्षेत्रों में भेजा गया। इसकी रिपोर्ट तैयार कर राज्यपाल के माध्यम से केंद्र को भेजी गई।
इसी रिपोर्ट में सीमांत क्षेत्रों से युवाओं के पलायन के अलावा रोड व टेलीकॉम नेटवर्क, मूलभूत सुविधाएं न होने, पर्यटन विकास जैसे विषयों को कवर किया गया था। इसी रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय से लेकर रक्षा मंत्रालय तक ने जोर दिया और सड़कों का जाल बिछना शुरू हुआ। हाल ही में सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे ने भी युवाओं के पलायन पर चिंता जताते हुए युवाओं को वहां पर ही रोजगार मुहैया कराने और सड़क नेटवर्क मजबूत करने की बात कही थी।