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राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर हिमाचल के नए राज्यपाल, राष्ट्रपति ने की नियुक्ति

Tue, 06 Jul 2021 08:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

अर्लेकर गोवा विधानसभा अध्यक्ष के अलावा गोवा के वन और पर्यावरण एवं पंचायती राज मंत्री भी रहे हैं।
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हिमाचल के नए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर - फोटो : अमर उजाला
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गोवा भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर हिमाचल प्रदेश के 28वें राज्यपाल होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही प्रदेश के राज्यपाल रहे बंडारू दत्तात्रेय को हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया है। अर्लेकर गोवा विधानसभा अध्यक्ष के अलावा गोवा के वन और पर्यावरण एवं पंचायती राज मंत्री भी रहे हैं। बंडारू दत्तात्रेय ने 2019 में प्रदेश के राज्यपाल का पदभार संभाला था।

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उन्होंने चीन से लगते लाहौल-स्पीति और किन्नौर के सीमांत क्षेत्रों के लिए अहम कदम उठाए थे। इनमें जनजातीय विकास पर जोर देने के अलावा डीजीपी संजय कुंडू को इस क्षेत्र में आम लोगों से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए थे। इसी के बाद एसपी स्तर के कई अफसरों को इन क्षेत्रों में भेजा गया। इसकी रिपोर्ट तैयार कर राज्यपाल के माध्यम से केंद्र को भेजी गई। इसी रिपोर्ट में सीमांत क्षेत्रों से युवाओं के पलायन के अलावा रोड व टेलीकॉम नेटवर्क, मूलभूत सुविधाएं न होने, पर्यटन विकास जैसे विषयों को कवर किया गया था।

इसी रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय से लेकर रक्षा मंत्रालय तक ने जोर दिया और सड़कों का जाल बिछना शुरू हुआ। हाल ही में सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे ने भी युवाओं के पलायन पर चिंता जताते हुए युवाओं को वहां पर ही रोजगार मुहैया कराने और सड़क नेटवर्क मजबूत करने की बात कही थी। सीएम जयराम ठाकुर ने राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को प्रदेश के राज्यपाल नियुक्त होने पर समस्त प्रदेशवासियों की ओर से बधाई दी है।

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राज्यपाल रहते दत्रात्रेय ने चीन सीमा से लगते जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर दिया जोर

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे बंडारू दत्तात्रेय ने अपने कार्यकाल के दौरान चीन सीमा के साथ लगते जनजातीय क्षेत्रों लाहौल-स्पीति और किन्नौर के विकास पर जोर दिया। उन्होंने डीजीपी संजय कुंडू को इस क्षेत्र में आम लोगों से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए थे। इसी के बाद एसपी स्तर के कई अफसरों को इन क्षेत्रों में भेजा गया। इसकी रिपोर्ट तैयार कर राज्यपाल के माध्यम से केंद्र को भेजी गई।

इसी रिपोर्ट में सीमांत क्षेत्रों से युवाओं के पलायन के अलावा रोड व टेलीकॉम नेटवर्क, मूलभूत सुविधाएं न होने, पर्यटन विकास जैसे विषयों को कवर किया गया था। इसी रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय से लेकर रक्षा मंत्रालय तक ने जोर दिया और सड़कों का जाल बिछना शुरू हुआ। हाल ही में सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे ने भी युवाओं के पलायन पर चिंता जताते हुए युवाओं को वहां पर ही रोजगार मुहैया कराने और सड़क नेटवर्क मजबूत करने की बात कही थी। 
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