कहा कि अग्निकांड पीड़ितों को फौरी राहत के तौर पर 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रशासन की ओर से दी गई है। लोग जब तक चाहें, सामुदायिक रसोई चलती रहेगी। अग्निशमन उपकरण तब तक नहीं हटाए जाएंगे, जब तक मलबे से आग या धुआं बंद नहीं होता।
मलबा हटाने के लिए भी सरकार मदद करेगी। प्रभावितों की बेटियों के विवाह में भी सरकार मदद करेगी। इस दौरान क्षेत्र के विधायक नरेंद्र बरागटा ने सीएम को घटना की विस्तृत जानकारी दी।
ज्यादा जरूरत पर उपदान पर भी लकड़ी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रभावितों ने राज्य सहकारी बैंक या अन्य बैंकों से ऋण लिया है तो उनके लोन की रिकवरी प्रक्रिया एक वर्ष तक रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
सीएम ने कहा कि आग से प्रभावित गांव में सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त बजट दिया जाएगा। गांव में पेयजल की कमी को दूर करने के लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को भी सीएम ने निर्देश दिए।
कशैणी गांव के अग्निकांड प्रभावितों का खाना खुले आसमान तले लंगर में बनाया जा रहा है। सिर से छत खोने के बाद प्रभावित परिवारों की पहली रात दूसरों के घरों में रोते-बिलखते कटी है। गांव के कई परिवारों के पास केवल तन का कपड़ा ही बचा है।
पांव में पहनने के लिए बूट तक नहीं फिर भी प्रभावित परिवारों को लोग एक दुसरे को हौसला देने के लिए खडे हो रहे है। गांव के प्रभावितों में एक परिवार से बेटी के शादी की तैयारी थी। उससे पहले शादी के लिए जुटाया गया सारा सामान व घर आग की भेंट चढ गया।
अब इस परिवार के पास केवल तंन का कपडा बचा है। सिर ढकने को न तो छत, खाने के नाम पर एक तिनका तक नहीं उपर से बेटी की शादी की चिंता सामने खडी है। यहां पंहुचने पर सीएम जय राम ठाकुर ने इस लडकी की शादी के लिए अलग से सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है।