उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूल शिक्षा बोर्ड से मेरिट लिस्ट दुरुस्त करने के बाद ही अब आवेदन लेने का फैसला लिया गया है। निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने इस बाबत सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड की ओर से मेरिट लिस्ट अभी तैयार नहीं की गई है।
हिमाचल प्रदेश में स्वर्ण जयंती सुपर 100 योजना पर रोक लगा दी गई है। 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम से नाखुश कई विद्यार्थियों की आपत्तियों के बाद मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूल शिक्षा बोर्ड से मेरिट लिस्ट दुरुस्त करने के बाद ही अब आवेदन लेने का फैसला लिया गया है। निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने इस बाबत सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड की ओर से मेरिट लिस्ट अभी तैयार नहीं की गई है।
कई विद्यार्थियों ने परिणामों को लेकर कुछ आपत्तियां जताई है। उन्होंने बताया कि बोर्ड से संशोधित मेरिट लिस्ट जारी होते ही स्वर्ण जयंती सुपर 100 योजना को शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए शुरू कर दिया जाएगा।हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 100 मेधावियों को कोचिंग लेने के लिए सरकार ने एक-एक लाख रुपये देने को स्वर्ण जयंती सुपर 100 योजना शुरू की है। योजना के तहत चयनित होने वाले विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थानों में दाखिले लेने का मौका दिया जाएगा। संस्थानों में दाखिला लेते ही विद्यार्थियों को 30-30 हजार रुपये की पहली किस्त जारी होगी।
चयनित विद्यार्थियों को डीबीटी योजना के तहत बैंक खातों में किस्तों में यह राशि दी जाएगी। विद्यार्थी खुद कोचिंग संस्थानों का चयन करेंगे। ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन कोचिंग का विकल्प भी दिया गया है। वर्तमान में सरकारी स्कूलों की जमा एक कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ही यह लाभ मिलेगा। अधिकतम एक लाख रुपये की राशि किसी भी प्रतिष्ठित तकनीकी या व्यवसायिक संस्थान से इंजीनियरिंग, कानून, मेडिकल, प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, एनडीए आदि में प्रवेश पाने के लिए विशेष कोचिंग प्राप्त करने के लिए दी जाएगी। विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। देश के वह कोचिंग संस्थान ही इस स्कीम के लिए पात्र होंगे।