विशेष न्यायाधीश (फॉरेस्ट) शिमला की अदालत ने तत्कालीन लोनिवि के अधिशासी अभियंता (विद्युत) शिमला पंकज कपूर पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त कर दिया है। एक्सईएन कपूर के खिलाफ विजिलेंस विभाग शिमला ने 1 जुलाई, 2011 में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इसके बाद मामला कोर्ट में चला।
अब अदालत ने कपूर को तमाम आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अजय कौछड़ ने बताया कि अदालत में ठेकेदार के आरोप द्वेषपूर्ण और दुर्भावना से ग्रस्त पाए गए। मामले के अनुसार लोनिवि शिमला ने जून 2011 में सरकारी ठेकेदार पूर्ण चंद भारद्वाज को टीबी अस्पताल धर्मपुर में डीजी सेट लगाने का कार्य आठ लाख 41 हजार रुपये में अवार्ड किया था।
विभाग ने नियमानुसार कार्य पूरा होने के बाद बिल का भुगतान चेक के माध्यम से ठेकेदार के बैंक खाते में किया था। इसके बाद ठेकेदार ने कपूर पर कमीशन की डिमांड करने का आरोप लगाया था। न्यायालय में चली कार्रवाई में पाया गया कि कार्य समाप्ति के बाद फाइनल बिल की पेमेंट 29 जून, 2011 को चेक से की गई थी। ठेकेदार की कोई भी बकाया राशि देय नहीं थी।