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अमर उजाला खास : किशोरों से ज्यादा किशोरियों में पल्मनरी टीबी, अध्ययन में खुलासा

Wed, 26 Jan 2022 02:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन, स्वास्थ्य विभाग और आईजीएमसी के अध्ययन में खुलासा। 10 से 19 साल की उम्र वालों पर किया गया है अध्ययन।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में क्षय रोग किशोरों से ज्यादा किशोरियों में पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, स्वास्थ्य विभाग और आईजीएमसी शिमला के विशेषज्ञों के अध्ययन से यह बात सामने आई है। 
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यह अध्ययन गोपाल बेरी, रविंद्र कुमार, सुमन ठाकुर और विवेक चौहान ने पल्मनरी टीबी के 983 मरीजों पर किया है। पल्मनरी टीबी यानी पीटीबी का अनुपात 1:1.5 पाया गया है। एक्स्ट्रा पीटीबी का अनुपात 1:1.8 पाया गया है। किशोरावस्था के दौरान किशोरियों में दो तरह का टीबी ज्यादा पाया गया। यह पीटीबी और लिंफ नोड टीबी था। 

इस अध्ययन में यह भी साफ किया गया है कि किशोरों का टीबी अध्ययन के मामले में एक उपेक्षित क्षेत्र है। ज्यादातर देशों में इस बारे में अध्ययन 15 साल से नीचे की उम्र या इससे अधिक की उम्र को ध्यान में रखकर किया जाता है, जबकि इसे 10 से 19 साल के आयु वर्ग के तहत आने वाले किशोरों पर अलग से किया जाना चाहिए। 
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58,823 नमूने किए गए थे एकत्र  
अध्ययन के लिए 58,823 नमूने टीबी की आशंका से एकत्र किए गए। इनमें से 10,939 पॉजिटिव पाए गए थे। यह 18.6 फीसदी मामले थे। इनमें 4665 मरीज थे, जिनमें 983 किशोर थे। हालांकि, 20 साल की उम्र के बाद पुरुषों और महिलाओं के मामले में टीबी के संक्रमण का अनुपात किशोरों के उलट था। यानी यह पुरुषों में महिलाओं से ज्यादा था।
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