प्रदेश के कॉलेजों में पीटीए शिक्षकों की भर्ती रुक सकती है। प्रिंसिपलों में सरकार के उन आदेशों को लेकर विरोध है, जिनमें कहा है कि 18 जुलाई से पहले से नियुक्त शिक्षकों को न हटाया जाए।
पीटीए रूल 2006 के तहत पीटीए शिक्षकों की सिर्फ एक शैक्षणिक सत्र (एक साल) के लिए ही अस्थायी नियुक्ति कर सकते हैं। यदि इन शिक्षकों की सेवाएं जारी की जाती हैं तो यह गैर कानूनी होगा।
इसके आधार पर शिक्षक कभी भी नियमित करने की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। ऐसे में सीधे तौर पर प्रिंसिपल और पीटीए अध्यक्ष ही कोर्ट में पार्टी बनते हैं।