हिमाचल प्रदेश प्रगतिशील उत्पादक संघ के अध्यक्ष लोकिंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि यूनिवर्सल कार्टन के बारे में अधिसूचना एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन बागवानी मंत्री और एपीएमसी को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य के बाहर अपनी उपज की बिक्री के लिए टेलिस्कोपिक कार्टन का उपयोग करने वाले उत्पादकों के लिए क्या दंड होगा और किस कानून के तहत उन्हें दंडित किया जाएगा।
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क्योंकि कानूनी माप विज्ञान अधिनियम में निर्दिष्ट है कि सभी बागवानी उत्पादों को या तो वजन या गिनती के हिसाब से बेचा जाना चाहिए। एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि क्या यूनिवर्सल कार्टन में 10-12 किलोग्राम के आधे बॉक्स की जगह एक आधा बॉक्स भी है, जोकि टेलीस्कोपिक कार्टन में है या यदि 10-12 किलोग्राम का आधा बॉक्स नहीं है तो क्या उत्पादकों को मौजूदा 10 किलोग्राम के टेलीस्कोपिक कार्टन में पैकिंग करने की अनुमति होगी।