अतिरिक्त महानिदेशक आनंद प्रताप सिंह ने बताया कि जेल विभाग की ओर से नाहन में शुरू किया गया यह कार वाशिंग स्टेशन एक बेहतर प्रयास है। स्टेशन से होने वाली कमाई संबंधित कैदियों के खाते में जाएगी।
केंद्रीय कारागार नाहन के कैदी अब वाहन धोकर आजीविका कमाएंगे। शुक्रवार को जेल विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजीपी) आनंद प्रताप सिंह ने कारागार के समीप कार वाशिंग स्टेशन का शुभारंभ किया। इस स्टेशन का संचालन केंद्रीय कारागार नाहन के कैदी ही करेंगे। जेल विभाग के इस प्रयास से करीब आधा दर्जन कैदियों को रोजगार मिल पाएगा। इस मौके पर अतिरिक्त महानिदेशक आनंद प्रताप सिंह ने बताया कि जेल विभाग की ओर से नाहन में शुरू किया गया यह कार वाशिंग स्टेशन एक बेहतर प्रयास है। स्टेशन से होने वाली कमाई संबंधित कैदियों के खाते में जाएगी। उन्होंने कहा कि जेल विभाग का प्रयास रहता है कि कारागारों में बंद कैदियों को स्वावलंबी बनाकर रोजगार दिया जाए।
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इसी दिशा में यह एक ओर छोटा सा प्रयास है। अतिरिक्त महानिदेशक ने बताया कि जेलों में बहुत से कैदी ऐसे हैं, जो अधिक पढ़े लिखे नहीं होते। इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रदेश के कारागारों की लाइब्रेरी में जल्द ही ई-बुक की सुविधा शुरू की जाए, जिससे सुना जा सकता है और पढ़ने की आवश्यकता नहीं है। कम पढ़े-लिखे कैदियों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। कैदियों के उत्थान और कल्याण की दिशा में और भी कई अन्य कार्य किए जाएंगे। इससे पूर्व नाहन पहुंचने पर अतिरिक्त महानिदेशक का पुलिस व जेल विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने स्वागत किया। इस मौके पर अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक सोमदत्त, जेल अधीक्षक सुशील कुमार ठाकुर सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।