ईवीएम पर प्रत्याशियों के चुनाव निशान से इतर नोटा (नन ऑफ द अबव) बटन दबाने का रुझान बढ़ता जा रहा है। नोटा विकल्प शुरू होने के बाद से प्रदेश में चुनाव के दौरान नोटा को पहले से ज्यादा दबाया जा रहा है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 29155 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया था। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के 17 विधानसभा क्षेत्रों में से 8704, मंडी संसदीय क्षेत्र में 17 विधानसभा क्षेत्रों में से 6191, हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के 17 विधानसभा
क्षेत्रों में से 6473 और शिमला संसदीय क्षेत्र के 17 विधानसभा क्षेत्रों में से 7787 वोट नोटा के खाते में पड़े थे। वहीं जब वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव हुए तो नोटा के खाते में और भी ज्यादा 32,988 वोट पड़े थे।