लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का स्वागत करते राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर।
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अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के चेयरमैन तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का अनाडेल हेलीपैड पर ढोल-नगाड़ों और अन्य वाद्ययंत्रों की थाप पर स्वागत हुआ। वह दोपहर बाद हेलीकाप्टर से अनाडेल हेलीपैड पहुंचे। प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। विधानसभा परिसर में ओम बिड़ला का कार्यालय भी खोला गया है। इसके बाहर उनके नाम की पट्टिका लगाई गई है। देश की कई विधानसभाओं के अध्यक्ष भी शिमला पहुंचे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. हंसराज, मुख्य सचेतक बिक्रम सिंह जरयाल, उप मुख्य सचेतक कमलेश कुमारी, डीजीपी संजय कुंडू, जिलाधीश शिमला आदित्य नेगी, एसपी शिमला मोनिका भटुंगरू तथा विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा भी लोकसभा अध्यक्ष की अगवानी करने मौजूद रहे। हेलीपैड पर ढोल-नगाड़े तथा अन्य वाद्य यंत्रों के साथ लोकसभा अध्यक्ष का स्वागत किया गया। बिरला 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने शिमला पहुंचे हैं। परमार ने हेलीकाप्टर से शिमला पहुंचे राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश, तमिलनाडु, राजस्थान, हरियाणा तथा ओडिशा के विधानसभा अध्यक्षों का भी गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
विपिन परमार ने कहा कि बुधवार को ओम बिड़ला विधानसभा अध्यक्षों के सम्मेलन का आरंभ करेंगे। परमार ने कहा कि बिड़ला मंगलवार को लोक सभा सचिवालय तथा प्रदेश सरकार के निगमों तथा ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रर्दशनियों का भी आरंभ करेंगे। परमार ने कहा कि उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष डॉ. हंसराज, मंत्री परिषद के सदस्य, विधानसभा सदस्य, सभी राज्यों के पीठासीन, उप पीठासीन अधिकारी, लोकसभा सांसद, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व उपाध्यक्ष भी शामिल होंगे। परमार ने कहा कि मंगलवार को सम्मेलन में दो महत्वपूर्ण विषयों जैसे शताब्दी यात्रा समीक्षा और भविष्य की कार्य योजना और पीठासीन अधिकारियों का संविधान सदन और जनता के प्रति दायित्व पर गहन चर्चा की जाएगी।
विधानसभा सचिवालय को दुल्हन की तरह सजाया गया
सम्मेलन के लिए विधानसभा सचिवालय को दुल्हन की तरह सजाया गया है। परमार ने कहा है कि सभी को पर्यटन की दृष्टि से मशहूर स्थलों कुफरी, नालदेहरा, चायल तथा अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए ले जाया जाएगा, जिससे वे शिमला की यादों को समेट सकें।