राष्ट्रपति के दौरे के दौरान ठियोग-शिमला हाईवे पर डेढ़ घंटे यातायात बाधित शिमला और ठियोग के वाहनों को वैकल्पिक रूट से भेजा, सड़क संकरी होने से लगा जाम
सुबह 10:15 से 11:05 बजे और दोपहर 12:50 से 1:30 बजे तक बंद रहा हाईवे
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शिमला प्रवास के दूसरे दिन राष्ट्रपति के कैचमेंट एरिया के दौरे के दौरान काफिले को 11.4 किलोमीटर के सफर को पूरा करने में करीब 30 मिनट का समय लगा, जबकि आम जनता को करीब 17 किलोमीटर के सफर को पूरा करने में करीब ढाई घंटे का समय लग गया। राष्ट्रपति के काफिले के दौरान रविवार को ठियोग-शिमला हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे यातायात बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के काफिले के दौरान ठियोग-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक प्लान बदला रहा। इस दौरान सुबह 10:15 से 11:05 बजे और दोपहर 12:50 से 1:30 बजे तक राष्ट्रपति के रिट्रीट पहुंचने तक हाईवे पर यातायात बंद रहा। पुलिस ने भी ठियोग से शिमला के लिए बेखलटी (फागू) और शिमला से ठियोग के लिए मशोबरा-ढली जंक्शन से यातायात डायवर्ट किया था। बावजूद इसके 22 किलोमीटर सड़क पर दोनों तरफ के वाहनों का दबाव बन गया। पुलिस कर्मी जगह-जगह पर मौजूद थे, लेकिन सड़क संकरी होने और वाहनों की क्षमता से अधिक संख्या होने के कारण जाम की समस्या पेश आई। इस दौरान ऊपरी शिमला से राजधानी के परीक्षा केंद्रों पर नीट की परीक्षा के लिए आने वालों अभ्यर्थियों देरी से पहुंचे। वहीं, आम लोगों को भी जाम के कारण गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा। उधर, पुलिस का कहना है कि राष्ट्रपति के दौरे के चलते कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। दावा किया कि आपातकालीन, बसों और परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय राजमार्ग से छोड़ा गया। संवाद
ढाई घंटे में पूरा किया 17 किमी का सफर
राष्ट्रपति का काफिला सुबह करीब 10:45 बजे द रिट्रीट से छराबड़ा, हसनवैली, ढली से होते कैचमेंट एरिया के लिए सड़क से रवाना हुआ। इसके बाद दोपहर करीब 1 बजे वापस द रिट्रीट के लिए रवाना हुआ। राष्ट्रपति के कैचमेंट एरिया दौरे के दौरान शिमला-ठियोग हाईवे को बंद रखा गया था। घनाहट्टी के प्रकाश, विजेंद्र और अनुपमा ठियोग की तरफ जा रहे थे। उन्होंने बताया कि सुबह 10:20 बजे ढली जंक्शन से कुफरी सड़क बंद होने चलते उन्हें पुलिस ने वाया मशोबरा-बेखलटी होकर जाने के निर्देश दिए। ढली से मशोबरा तक के 4 किलो में यातायात सामान्य था, लेकिन मशोबरा से करीब 17 किमी का सफर पूरा करने के लिए ढाई घंटे का समय लग गया। करीब दोपहर करीब 1 बजे ठियोग पहुंचे। इन लोगों ने प्रशासन से मांग है कि लोगों को परेशानी हो, इसके लिए यातायात को ज्यादा देर तक न रोका जाए।