तीन सौ करोड़ से बनने वाली दोनों टनल के लिए एचपीआरआईडीसी अक्तूबर में आमंत्रित करेगा टेंडर, फॉरेस्ट क्लीयरेंस की औपचारिकताएं पूरी
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मार्च 2027 तक शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के सर्कुलर रोड पर यातायात जाम से राहत दिलाने के लिए प्रस्तावित दो टनलों का निर्माण नए साल से शुरू करने की तैयारी है। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इन दोनों सुरंगों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीआरआईडीसी) को 30 सितंबर तक कंसल्टेंसी सर्विस कंपनी अंतिम डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) सौंप देगी। सरकार ने इसके लिए समय-सीमा तय की है। जानकारी के अनुसार कंपनी ने डीपीआर तैयार कर ली है। डीपीआर मिलते ही एचपीआरआईडीसी अक्तूबर में दोनों टनल के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। सरकार की योजना मार्च 2027 तक दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू करने की है। डीपीआर मिलने के साथ ही परियोजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) को ऋण के लिए डीपीआर और अन्य जरूरी दस्तावेज सौंपे जाएंगे। बैंक स्तर पर परियोजना से संबंधित आगामी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ऋण जारी किया जाएगा।
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आईजीएमसी जंक्शन से सेंट बीड्स कॉलेज के पास स्थित आईपीएच पंप तक 910 मीटर लंबी सुरंग बनाई जानी है। वहीं छोटा शिमला के पास से पीडब्ल्यूडी हट्स, हिमफेड तक 540 मीटर लंबी दूसरी टनल का निर्माण प्रस्तावित है। दोनों टनल के निर्माण पर अनुमानित 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एचपीआरआईडीसी सरकार की ओर से तय समय-सीमा के भीतर परियोजना से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है। टनल निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस से संबंधित सभी दस्तावेज जमा करवा दिए हैं।
इस प्रक्रिया के दौरान आई कुछ आपत्तियों का भी समाधान कर दिया है। ऐसे में कॉरपोरेशन को नवंबर तक परियोजना के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने की उम्मीद है। परियोजना के निर्माण को लेकर बीते दिनों सचिवालय में हुई बैठक में तय समय-सीमा के अनुरूप तैयारियां की जा रही हैं। एचपीआरआईडीसी के निदेशक ने हाल ही में डीपीआर तैयार कर रही कंपनी के अधिकारियों और अपनी टीम के साथ बैठक की। इसमें अक्तूबर में दोनों टनल के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने और नए साल में निर्माण कार्य आरंभ करने की योजना पर चर्चा की गई।