धर्मशाला में शीत सत्र के अंतिम दिन विपक्ष ने सदन में सरकार को साउंड सिस्टम पर खूब घेरा। कहा कि जब विपक्ष सदन में कुछ बोलना चाहता है तो माइक चलना ही बंद हो जाता है। धूमल ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, सबसे पहले तो मेरा आपसे निवेदन है कि जो व्यक्ति साउंड सिस्टम को ऑपरेट करता है उसको तुरंत प्रभाव से बदला जाए।
आपकी अनुमति से जब हम बोलना शुरू करते हैं तो या तो लाइट नहीं दी जाती या दी जाती है तो बीच में बंद कर दी जाती है। महोदय अब आपका सचिवालय भी आपको गुमराह करता है। आपको सचिव महोदय ने रूलिंग लिखकर दे दी कि आपका अधिकार है कि इसे बदल दें। आज के बाद आपने एक नया इतिहास क्रिएट कर दिया।
इस बात पर कौन विश्वास करेगा कि अध्यक्ष महोदय ने कोई समझौता करवाया और उससे अध्यक्ष महोदय ही मुकर जाएंगे। वहीं विधायक रवि ने कहा कि आज इस शीतकालीन सत्र का अंतिम दिन है। विधान सभा सचिवालय को मैंने 30 तारीख को नियम-67 के अंतर्गत एक स्थगन प्रस्ताव दिया था। उस पर बाद में पहली तारीख को रूलिंग भी दी। माननीय अध्यक्ष महोदय, उसमें जो शब्दाबली थी, उस पर आपने अपनी रूलिंग में कहा था कि 4 तारीख को इस पर चर्चा होगी।
लेकिन आज यह चर्चा नहीं लगी। मेरा आपसे निवेदन है कि मेरे इस प्रस्ताव के ऊपर अविलंब चर्चा की जाए। इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आप मेरी बात सुन लीजिए और फिर अपनी बात रखिए। मैं यह कहना चाहता हूं कि आपने जिस नियम-67 के अंतर्गत प्रस्ताव दिया था मैंने उसी दिन यह प्रस्ताव डिस्अलो कर दिया था। मैंने कहा था कि इस पर चर्चा को किसी दूसरे नियम के अंतर्गत लाएंगे।