पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल और पार्टी अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि प्रदेश सरकार पीलिया पर रोकथाम लगाने में असफल रही है। गत डेढ़-दो महीनों में पीलिया से 15 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
लेकिन मुख्यमंत्री पीलिया से हुई मृत्यु की संख्या बताने को तैयार नहीं है। गत 50 घंटों के अंदर 3 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है, जिसमें 2 एडवोकेट एवं प्रसूता महिला शामिल है। शिमला के सरकारी अस्पतालों से पीलिया के मरीजों को आईजीएमसी रेफर किया जा रहा है।
इससे साफ है कि पीलिया पर रोकथाम लगाने के लिए सरकार के इंतजाम खोखले है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार पीलिया की घटना को हलके में ले रही है। अच्छा होता सरकार हर दिन पीलिया के बारे में कोई स्पेशल बुलेटिन जारी करती।
लेकिन सरकार की ओर से किसी भी अधिकारी को पीलिया के बारे में मुंह खोलने को मना किया है। इससे स्पष्ट है कि सरकार न ही पीलिया की रोकथाम के लिए गंभीर है और न ही पीलिया के उपचार के लिए कोई आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार पीलिया पर रोकथाम के लिए केंद्र से सहायता लेने की अपील करे। धूमल ने कहा कि केंद्र अवश्य ही प्रदेश सरकार की मदद के लिए तैयार होगा।