पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या कुछ निचले स्तर के कर्मचारी ही इस गंभीर लापरवाही तथा पीलिया के कारण हुई मौतों के लिए जिम्मेदार हैं? जिस तरह के खुलासे हो रहे हैं उनसे तो यही लगता है कि सरकार कुछ निचले स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को गिरफ्तार करके मामले में लीपापोती कर रही है और कुछ लोगों को जो सही मायने में दोषी हैं, उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि पीलिया की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदम नाकाफी हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार प्रभावी कदम उठाए ताकि लोगों की जान से खिलवाड़ न हो। शिमला शहर में पीलिया नियंत्रण बारे में सरकार के सभी दावे झूठे साबित हुए हैं।
शहर का बहुत बड़ा हिस्सा पीलिया की चपेट में आ चुका है लेकिन सरकार स्थिति को नियंत्रण में बताकर लोगों को गुमराह करती रही और जब स्थिति बेकाबू हो गई और अस्पतालों में लोगों की कतारें दिन-प्रतिदिन बढ़ती गई तब सरकारी मशीनरी हरकत में आई।
झूठे बयानों तक सिमटा प्रदेश का विकास: धूमल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि मोदी सरकार की ओर से देश के उद्यमियों और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई नीतियों और प्रोत्साहन से जहां देशभर में औद्योगिक विकास ने रफ्तार पकड़ी है, वहीं प्रदेश में औद्योगिक विकास केवल कागजों और कांग्रेस नेताओं के झूठे बयानों तक ही सीमित है।
धूमल ने कहा कि नवंबर 2014 और अक्तूबर 2015 में दो इन्वेस्टर मीट में करोड़ों रुपये फूंकने के बाद प्रदेश सरकार ने नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में हजारों करोड़ रुपये के निवेश तथा हजारों नौकरियां मिलने का दावा किया था, बावजूद उद्योगों में नाममात्र विकास हुआ है।
अग्निहोत्री ने किया धूमल पर पलटवार- उद्योग और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल का राज्य में धीमे औद्योगिकीकरण विकास और ‘इन्वेस्टर मीट’ के आयोजन के औचित्य को लेकर उठाए गए सवाल पर दिए बयान को साक्ष्यों से परे, गुमराह करने वाला और राजनीति से प्रेरित बताया है।
अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश भर में औद्योगिक विकास में तेजी लाने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य नई औद्योगिक इकाइयों के लिए केंद्रीय आबकारी ड्यूटी, आयकर होलीडे जैसे विशेष पैकेज के तहत प्रोत्साहनों को वापस लेने के बावजूद राज्य सरकार ने औद्योगिकीकरण की गति में किसी प्रकार की कमी न आए, इसके लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है।
उन्होंने कहा कि राज्य में तीन नए अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रदान किए जाने वाले प्रोत्साहनों के पैकेज की भी समीक्षा की है। बिजली की दरों में कमी, स्टांप ड्यूटी में औद्योगिक रियायत के लिए एफएआर मापदंड, सीएसटी घटाना, प्रवेश शुल्क के युक्तिकरण के अतिरिक्त अब उद्योगों को प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं।
अग्निहोत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि धूमल राज्य सरकार की ओर से मुख्य शहरों में इन्वेस्टर मीट का आयोजन करके देश के निवेशकों तक पहुंचने के प्रयासों पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने धूमल से प्रश्न किया कि क्या उन्होंने कभी प्रधानमंत्री मोदी से उनकी विदेश यात्राओं से हुए लाभ के बारे में पूछा है कि उनके द्वारा की गई विदेश यात्राओं से देश को कितना निवेश आकर्षित हुआ है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने धूमल को सलाह दी कि उन्हें गुमराह करने वाले और झूठे बयान जारी करने से बचना चाहिए। इससे कोई विशेष लाभ होने वाला नहीं है क्योंकि प्रदेश के लोग भाजपा के कुटिल इरादों से भली-भांति परिचित है।