धूमल ने कहा कि सरकार ने तीन साल में 11,000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लेकर जनता को भी कर्ज में डूबो दिया है।
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सूबे के निगमों-बोर्डों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर हैं। विपक्ष को यह मौका इस बार खुद सरकार के मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों ने दिया है। दिल्ली में आलाकमान के साथ सूबे के प्रमुख कांग्रेस नेताओं की बैठक में प्रदेश पर बढ़ते कर्ज और निगमों-बोर्डों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों पर फिजूलखर्ची की बात उठने के बाद अब विपक्ष ने सरकार पर वार किया है।
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने आरोप लगाया है कि सरकार पब्लिक का पैसा अपने हारे और नकारे नेताओं पर बहा रही है। सरकार ने तीन साल में 11,000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लेकर जनता को भी कर्ज में डूबो दिया है। कर्ज में लिए पैसे को विकास के बजाय नेताओं के ऐशोआराम पर बहाया जा रहा है।
अपनी कुर्सी को बचाने के लिए भी मुख्यमंत्री जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। प्रदेश में विकास ठप है। केंद्र से जारी पैसा विकास कार्यों में लगना चाहिए था, लेकिन उस पैसे से कर्ज के ब्याज को चुकता किया जा रहा है।