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धूमल बोले, मैं विजिलेंस से डरने वाला नहीं, ध्यान भटका रहे सीएम

Tue, 05 Apr 2016 08:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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भाजपा नेता व पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस जांच झेल रहे पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि वे इस तरह की कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग में हलफनामा देकर संपत्तियों की जानकारी दी है।
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इस संपत्ति से इतर विजिलेंस को कोई भी संपत्ति की जानकारी मिलती है तो उसे सीज कर दे। धूमल ने कहा कि वीरभद्र सिंह के साथ ही सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों की संपत्तियों की सीबीआई जांच कराई जाए। उनका कहना है कि वे पहले भी यह मांग कर चुके हैं लेकिन राज्य सरकार इस पर गौर नहीं कर रही।

सोमवार को विधानसभा से वाकआउट के बाद पत्रकारों से बातचीत में धूमल ने कहा कि जब भी वीरभद्र सिंह के खिलाफ दिल्ली में कोई कार्रवाई होती है तो उनके खिलाफ विजिलेंस कार्रवाई का शिगूफा सिर्फ उसी दिन छोड़ा जाता है। ऐसा सीएम सिर्फ अपने खिलाफ हो रही कार्रवाई से मीडिया व लोगों का ध्यान भटकाने के लिए करते हैं।
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शिकायतकर्ता को बना दिया डिप्टी एडवोकेट जनरल

भाजपा नेता व पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल
अपने खिलाफ हुई शिकायत पर धूमल ने कहा कि जिस व्यक्ति ने आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत की, उसे इसी राज्य सरकार ने डिप्टी एडवोकेट जनरल बना दिया है। साफ है कि शिकायत प्लांट कराई गई थी।

लेकिन वीरभद्र सिंह के खिलाफ तो यूपीए सरकार के दौरान प्रशांत भूषण ने शिकायत की, जिसके बाद से जांच और कार्रवाई शुरू हुई। ऐसे में एनडीए सरकार पर फंसाने का आरोप लगाना बेबुनियाद है।

चुनाव ही एकमात्र विकल्प
धूमल ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक संकट का एकमात्र विकल्प चुनाव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुनाव करा लिए जाएं और जिसका बहुमत सिद्ध हो, वह सरकार बना ले। धूमल ने कहा कि कटौती प्रस्ताव पास होने के संबंध में राज्यपाल से मिलने के बाद विधान मंडल दल की बैठक में चर्चा की जाएगी।
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जनता का ध्यान भटकाने के लिए धूमल को भेजा नोटिस : सत्ती

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए विजिलेंस को कठपुतली बनाकर बदले की भावना से कार्यवाही कर रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
वहीं, विजिलेंस की ओर से नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल को आय से अधिक संपत्ति मामले में नोटिस जारी करने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने और परिवार के भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए विजिलेंस को कठपुतली बनाकर बदले की भावना से कार्यवाही कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध ढंग से अर्जित की गई संपत्ति के मामले में वीरभद्र सिंह ईडी और सीबीआई के शिकंजे में फंस चुके है। अब जनता का ध्यान भटकाने के लिए वह नेता प्रतिपक्ष को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह प्रदेश को रजवाड़ाशाही की तर्ज पर चला रहे हैं।

कभी भ्रष्टाचार के प्रति कठोर रुख अपनाने वाली कांग्रेस का नेतृत्व आज इस कदर गिर चुका है कि 1983 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राम लाल ठाकुर के पुत्र 8 लाख रुपये के अवैध कटान के आरोपी होने पर इंदिरा गांधी के कठोर रुख के कारण रामलाल ठाकुर को त्यागपत्र देना पड़ा था।

लेकिन अब जब मुख्यमंत्री वीरभद्र स्वयं करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपी है तो कोई भी कार्यवाही नहीं हो रही है। सतपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते तीन सालों में 11000 करोड़ रुपये का कर्जा लिया। मुख्यमंत्री बताएं कि उन्होंने यह पैसा कहां खर्च किया?
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