पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कांग्रेस सरकार पर बैक डोर एंट्री और चिटों पर नौकरियां देने के आरोप फिर दोहराए। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
कांग्रेस ने अगर कोई भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार नौकरियां देते समय नहीं किया है तो वह कांग्रेस सरकार को चुनौती देते हैं कि भाजपा के आरोपों की जांच करने के लिए एक निष्पक्ष आयोग की स्थापना करें। भाजपा अपने समस्त सबूतों को आयोग के समक्ष रखेगी।
धूमल ने कहा कि केंद्र सरकार से आपदा प्रबंधन के लिए मिल रही धनराशि को खर्च करने में प्रदेश सरकार नाकाम रही है। प्रदेश को एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड) के तहत वर्ष 2010-15 के लिए 650.30 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि मोदी सरकार ने 2015-20 के लिए 1304 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह पूर्व की तुलना में दोगुनी राशि है।
इसी तरह एनडीआरएफ के तहत 2014-15 के लिए 71.534 करोड़ स्वीकृत हुए थे, लेकिन सरकार भारी बारिश से हुए लोगों के नुकसान की भरपाई करने में असफल रही है। इसी तरह भाजपा ने अपने कार्यकाल के पहले चार वर्षों में 8740 पॉलीहाउसों का निर्माण किया था, जबकि वर्तमान सरकार इस समयावधि में 879 पॉलीहाउस ही बना पाई है।