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सड़कों पर उतरे पैंशनर्स, ये हैं छह मांगें

Tue, 13 Jan 2015 02:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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ऑल इंडिया पोस्टल एंड रेलवे मेल सर्विस पेंशनर्स एसोसिएशन की हिमाचल इकाई ने पोस्टल निदेशायल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निदेशालय नई दिल्ली पर उदासीनता का रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए पेंशनर्स ने शिमला में धरना दिया और जोरदार नारेबाजी की।
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एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव एनडी शर्मा ने बताया कि भारत सरकार कार्मिक-पेंशनर्स मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार केंद्रीय कर्मचारी के पेंशनर्स को चिकित्सा भत्ता नवंबर 2014 से 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह देय कर दिया है।

खेद का विषय है कि दो महीने बीत जाने के बाद भी पोस्टल निदेशालय बोर्ड के नकारात्मक रवैये से अभी तक उक्त अग्रेसित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसको लेकर पोस्टल पेंशनर्स में भारी रोष व्याप्त है।
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पेंशनर्स एसोसिएशन के जिला शिमला अध्यक्ष प्रेम कौशल ने बताया कि नेशनल को-आर्डिनेशन कमेटी आफ पेंशनर्स एसोसिएशन नई दिल्ली ने मुख्य मांग पत्र भारत सरकार और सातवें पे कमीशन को भेजा है। जो विचाराधीन है।

उन्होंने भारत सरकार से अपील करते हुए केंद्रीय कर्मचारी पेंशनर्स की लंबित न्यायोचित मांगों को लागू करने की मांग की है। धरने में जिला उपाध्यक्ष जीतराम शर्मा, बलदेव राज, मदन लाल, ज्ञान चंद, फकीर चंद भारद्वाज, विद्या दत्त, शांति देवी सहित कई अन्य मौजूद रहे।

ये हैं मुख्य मांगें
• मासिक चिकित्सा भत्ता 2000 रुपये प्रतिमाह अदा किया जाए
• पेंशनर्स को बीमारी की हालत में अस्पताल में भर्ती होने पर इलाज का खर्च लौटाया जाए
• 65 साल की आयु के बाद मूल पेंशन की बढ़ोतरी 10 प्रतिशत, 70 साल पर 20 प्रतिशत, 75 साल पर 30 प्रतिशत, 80 साल पर 50 प्रतिशत, 85 साल पर 90 प्रतिशत और 90 साल के बाद 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए
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• सभी पेंशनर्स को मूल वेतन का 70 प्रतिशत पेंशन देय करना
• जनवरी 2014 से 100 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल पेंशन में विलय किया जाए।
• केंद्र सरकार से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग
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