हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक और कदम उठाया है। कांगड़ा जिले में स्थित पौंग बांध को अंतरराष्ट्रीय टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर विकसित करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने 27.25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा है।
पर्यटकों में देशी और विदेशी पक्षियों के प्रति आकर्षण बढ़ाने को लेकर यह कदम उठाया जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिले बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मुहैया कराई जा सके। जंगलात महकमे के एक आंकड़े के अनुसार प्रत्येक साल पौंग डैम में दो से ढाई लाख देशी विदेशी परिंदे आते हैं।
यहां पर पक्षियों के वास स्थल भी विकसित किए जाएंगे। ईको टूरिज्म के जरिये इसे विकसित करने की बात की जा रही है, जिससे किसी भी स्तर पर पर्यावरण का नुकसान न होने पाए। पौंग झील को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 1994 में वेटलैंड रिजर्व के तौर पर घोषित किया गया है।