फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान! शिमला शहर में सप्लाई हो रहा है 'जहरीला पानी'

Wed, 01 Jul 2015 09:22 AM IST
विजय खाची/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी शिमला के विकासनगर इलाके में पीने का पानी दूषित है। इसके अलावा बाकी उपनगरों में भी गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। यह पीने लायक नहीं है। यह पानी आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यहां पानी नगर निगम ही मुहैया करवा रहा है और नगर निगम की ही टेस्ट लैब में पानी का सैंपल फेल निकला है। ‘अमर उजाला’ ने यह सैंपल बीते शनिवार को अप्पर विकासनगर हाउसिंग बोर्ड सी 31 से लिया था।
विज्ञापन


सैंपल नलके से लिया गया। नलके में पानी की डायरेक्ट सप्लाई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि नगर निगम एक तो नियमित सप्लाई नहीं दे रहा है। राशनिंग शुरू कर दी है और जब पानी आता है तो वह पीने लायक नहीं है। ऐसे में लोग जाएं तो कहां? पानी की सप्लाई मटमैली आ रही है साथ ही पानी से बदबू भी आती है और जब पानी को गर्म करते हैं तो उसमें झाग बनने लगता है।

इस पर ‘अमर उजाला’ ने मौके पर जाकर विकासनगर से पानी कासैंपल भरा और उस सैंपल को जांच के लिए नगर निगम की प्रयोगशाला में भेज दिया। नगर निगम ने जब प्रयोगशाला में पानी की जांच की तो पता चला कि पानी में बैक्टीरिया की मात्रा ज्यादा पाई गई है। अमर उजाला ने जब पानी के सैंपल की रिपोर्ट एमसी से ली तो उसमें नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने साफ लिखा है कि पानी का सैंपल ठीक नहीं है? यह पानी सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है।
विज्ञापन


अश्वनी खड्ड से शिमला शहर के लिए पानी की सप्लाई आती है। सबसे पहले पानी कुसुम्पटी स्थित टैंक में आता है। दावा किया जाता है कि यहां पानी की शुद्धता जांची जाती है और जरूरत के मुताबिक क्लोरीन भी डाली जाती है। इसके बाद आम जनता को पानी की सप्लाई दी जाती है लेकिन यह दावा हकीकत से काफी दूर नजर आ रहा है।

खलीणी, बीसीएस, न्यू शिमला, छोटा शिमला और कसुम्पटी इत्यादि इलाके में यहीं से पानी की सप्लाई दी जाती है। इन्हीं इलाकों में हर साल सबसे ज्यादा पीलिया के मामले भी सामने आते हैं। पानी की शुद्धता को लेकर आम लोगों की ओर से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

शहर में चल रही है पेयजल किल्लत
शिमला शहर में पेयजल किल्लत लंबे समय से चली आ रही है। अब नगर निगम लोगों को एकदिन छोड़कर पानी की सप्लाई दे रहा है। कुछ इलाके ऐसे भी हैं जहां लोगों को दो या तीन दिन से पानी नहीं मिला है। लोगों का कहना है कि जब हम पानी के बिल समय पर अदा करते हैं तो फिर पानी क्यों नहीं मिल रहा। एमसी को हर रोज पानी मुहैया करवाना चाहिए।

नगर निगम करवाएगा इस मामले की जांच
नगर निगम के सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक ने कहा कि इस बारे में जांच की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि किस वजह से पानी का सैंपल फेल हुआ। इसके लिए जल्द दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। लोगों को स्वच्छ पानी मुहैया करवाएंगे।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें