स्थानीय ब्लॉक की पंचायत बहडाला में रविवार सुबह मतदान करते समय उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पोलिंग बूथ पर बैठे एक व्यक्ति ने एक पोलिंग ऑफिसर पर जाली वोटिंग करने का आरोप जड़ डाला।
उसके बाद मौके पर खड़े लोगों ने पोलिंग ऑफिसर पर जमकर लात घूंसों की बरसात कर डाली। इसके बाद मौके पर तनावपूर्ण माहौल हो गया।
सूचना मिलते ही फौरन एसडीएम ऊना पृथीपाल सिंह ने तहसीलदार आरके ठाकुर को मौके पर पहुंच कर घटना का जायजा लेने के आदेश दिए।
वहीं बताया जा रहा है कि जांच में मामला सिर्फ गलतफहमी का निकला। इसके चलते मारपीट करने वाले पोलिंग एजेंट ने उक्त अधिकारी से माफी मांगी।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह पोलिंग शुरू होने से पहले चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मी उंगली पर स्याही लगाने वाली स्टिक की जांच रहे थे। एक बूथ पर छोटी स्टिक होने के कारण कर्मचारियों को दिक्कत पेश आई।
इसी पोलिंग स्टेशन के दूसरे बूथ पर तैनात एक कर्मी ने एक अन्य स्टिक उसे लाकर दी और उसे उदाहरण के तौर पर अपनी छोटी उंगली पर स्याही लगाकर भी दिखा दी।
इसी दौरान जब वह बाहर निकलने लगा तो मौके पर मौजूद एक पोलिंग एजेंट ने उस पर जाली वोटिंग करने का आरोप जड़ते हुए हंगामा खड़ा कर डाला। देखते ही देखते मामला गर्मा गया और लोगों ने पोलिंग ऑफिसर की मौके पर धुनाई कर डाली।
मामला गर्माता देख इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने फौरन उक्त अधिकारी को पोलिंग ड्यूटी से हटा दिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
उधर, एसडीएम पृथीपाल सिंह ने बताया कि मामले की सूचना मिली है, लेकिन बहडाला में हुई घटना महज गलतफहमी का नतीजा थी, जिसे सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि बहडाला में जाली वोटिंग का कोई तथ्य नहीं मिला है।