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Politics: 'गांव के मुख्यमंत्री' की छवि बनाने की जद्दोजहद, सुक्खू पांच क्षेत्रों में कर चुके रात्रि ठहराव

Fri, 20 Jun 2025 12:33 PM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, शिमला

सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दुर्गम इलाकों के लोगों की समस्याएं सुलझाने के लिए गांव में एक दिन और एक रात का ठहराव करने का अभियान चलाए हैं। डोडरा क्वार से शुरू हुआ उनका यह प्रयास वीते दिनों बागा सराहन तक पहुंच गया। 
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू । - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 'गांव के मुख्यमंत्री' की छवि बनाने की जद्दोजहद के तहत हिमाचल में नया प्रयोग कर रहे हैं। वह दुर्गम इलाकों के लोगों की समस्याएं सुलझाने के लिए गांव में एक दिन और एक रात का ठहराव करने का अभियान चलाए हैं। डोडरा क्वार से शुरू हुआ उनका यह प्रयास वीते दिनों बागा सराहन तक पहुंच गया। आगे वह माहूंनाग और बड़ा भंगाल जाने की भी योजना बना चुके हैं। वह राहुल गांधी की दिखाई राह पर चलकर अपने सियासी विरोधियों को भी कड़ा संदेश दे रहे हैं। भाजपा के चंद घंटों में निपट जाने वाले जनमंच से चार कदम आगे चलने की कोशिश कर सीएम 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम में विपक्ष की घेराबंदी कर रहे हैं। डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री ने  अर्थव्यवस्था पर जब राहुल गांधी से चर्चा की तो उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस करने की सलाह दी थी, क्योंकि हिमाचल की नब्बे फीसदी आबादी गांव में है। सीएम ने खुद यह बात जाहिर की थी।

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हिमाचल की शांता को पानी वाले, धूमल को सड़क वाले सीएम का मिला है तमगा 
हिमाचल के मुख्यमंत्रियों की बात करें तो भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने शांता कुमार को पानी वाले और प्रेम कुमार धूमल को सड़क वाले मुख्यमंत्री के तमगे दिए। छह बार सीएम रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह को भी उनके समर्थक विकास पुरुष की संज्ञा देते रहे हैं। अब सुक्खू दुर्गम गांवों में अधिकारियों के साथ दिनरात गुजारकर ग्रामीण हिमाचल के विकास की नई नींव रख रहे हैं। 

केंद्रीय नेतृत्व के संकेत पर मुख्यमंत्री ने दुर्गम गांवों में जाकर
विकास की सियासत को नई डगर बनाने का निश्चय किया। उन्होंने दुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार से 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम शुरू कर ग्रामीणों के साथ आम आदमी की तरह दिन-रात चौबीस घंटे बिताने का सिलसिला शुरू किया। अब तक वह पांच जगहों पर रात्रिभोज और ठहराव कर चुके हैं।
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महिलाओं को चेक जवाब दे रहे सीएम
मुख्यमंत्री कांग्रेस की गारंटी पर भी विपक्ष को जवाब देते हुए दूरदराज गांवों की महिलाओं को चरणबद्ध 1500-1500 रुपये के चेक दे रहे हैं। यही चेक उन्होंने बागा सराहन में थमाए। वह दूध के दाम में दो साल में ही 23 रुपये बढ़ाने की बात कर इसे ऐतिहासिक बता रहे हैं। गेहूं, जौ, मक्की, हल्दी आदि को न्यूनतम समर्थन मूल्य देकर गांववासियों का ख्याल रखने की भी बात कर रहे हैं। इन बातों को उन्होंने बागा सराहन में भी दोहराया।
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