उल्लेखनीय है कि विधानसभा सचिवालय की ओर से इन विधायकों को मार्च में नोटिस जारी कर बुलाया गया था। इससे संबंधित जवाब दायर करने से पहले भाजपा विधायक दल ने बाकायदा विधानसभा परिसर में बैठक की। फिर 13 पृष्ठों का जवाब तैयार कर विधानसभा अध्यक्ष को दिया। नौ में से आठ विधायकों विनोद कुमार, हंसराज, सुरेंद्र शौरी, सतपाल सिंह सत्ती, विपिन सिंह परमार, दीपराज, लोकेंद्र कुमार और इंद्र सिंह गांधी स्पीकर के समक्ष उपस्थित हुए। भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल खुद नहीं आए, बल्कि उनके एक प्रतिनिधि पेश हुए।
वहीं, शनिवार को कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने आरोप लगाया कि इन नौ भाजपा विधायकों ने विधानसभा की कार्यवाही बाधित की। चेयर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी व नारेबाजी की। विपक्ष के सदस्यों की ओर भी कागज फेंके गए, जो सदन के नियमों की अवमानना है। इसी पर विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर सचिव ने इन विधायकों को अवमानना का नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था। अब यह मामला विधानसभा अध्यक्ष के पास विचाराधीन है, जिसमें इन नौ विधायकों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।