जयराम ठाकुर प्रधानमंत्री से मिलने चलें और हिमाचल प्रदेश के लिए राजस्व घाटा अनुदान बंद करने की क्षतिपूर्ति व आपदा के लिए 1500 करोड़ घोषित करने की योजना को लागू करवाएं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लाइब्रेरी हॉल में मंगलवार को प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार की जयंती समारोह का आयोजन किया गया। अपने संबोधन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान दिखाई जाने वाली डॉक्यूमेंट्री में प्रदेश के अन्य मुख्यमंत्रियों के योगदान की झलक भी शामिल की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री हालांकि सुनते नहीं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस सुझाव पर ध्यान देंगे।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जयराम ठाकुर को कहना चाहेंगे कि विपक्ष प्रदेश हित में सहयोग करे। उन्होंने जयराम से कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति और संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री से मिलकर हिमाचल का पक्ष रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. परमार के सपनों को केवल एक दिन का समारोह आयोजित कर पूरा नहीं किया जा सकता। उनके विचारों, नीतियों और विकास की सोच को धरातल पर उतारना जरूरी है। वर्तमान सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। विद्यार्थियों के लिए डॉ. वाईएस परमार के नाम से ऋण योजना भी शुरू की गई है। सीएम ने कहा कि विपक्ष का भी दायित्व है कि वह प्रदेश हित में अपनी जिम्मेदारी निभाए। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रदेश के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, अन्य कैबिनेट मंत्री, विधायक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राधारमण शास्त्री भी मौजूद रहे।
सुक्खू बोले-28 में से 16 भाजपा विधायक नहीं पहुंचेंगे विधानसभा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में हिमाचल में भाजपा की 28 में से भी कम सीटें आएंगी। 28 विधायकों में से 16 विधायक दोबारा विधानसभा में नहीं पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने हर क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन किया है। वहीं नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि इससे भी कम आंकड़ा कांग्रेस का रहेगा। दोनों नेता मंगलवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए भी आमने-सामने हुए। जयराम ठाकुर ने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भविष्यवाणी करने का नया काम शुरू किया है। उनकी बात तो कोई गंभीरता से नहीं लेता, न तो उनके दल में ले रहे हैं और न ही दूसरी पार्टी वाले।