पुलिस कांस्टेबल प्रवीण शर्मा और शुभम शर्मा बने अनुभाग अधिकारी
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हिमाचल के 9 पुलिस कर्मचारी वित्त एवं लेखा अधिकारी बने हैं। इसमें एक हेड कांस्टेबल और अन्य कांस्टेबल शामिल हैं। लोक सेवा आयोग ने वित्त एवं लेखा अधिकारी की परीक्षा ली थी। इसमें 30 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। इनमें नौ पुलिस कांस्टेबल वित्त एवं लेखा अधिकारी बने हैं। डीजीपी संजय कुंडू ने सभी कांस्टेबलों को बधाई दी है। इनमें हेड कांस्टेबल वरुण कुमार, कांस्टेबल प्रवीण कुमार, रवि दत्त, विजय कुमार, एलसी हिमानी, प्रिंस कुमार, शुभम शर्मा, संदीप कुमार रविंद्र कुमार शामिल हैं। सिरमौर के कोटला मोलर पंचायत निवासी शुभम शर्मा ने पुलिस विभाग में कठिन नौकरी के बावजूद भी अपने ऑफिसर बनने के सपने को नहीं छोड़ा और जब भी समय मिलता तैयारी जारी रखी। उनकी मेहनत आखिरकार उस समय रंग लाई, जब उन्होंने अनुभाग अधिकारी पद के लिए परीक्षा उतीर्ण कर ली। उनकी सफलता के बाद परिजनों में खुशी का माहौल है। शुभम शर्मा जिला सिरमौर के संगड़ाह पुलिस थाना में अपनी सेवाएं बतौर आरक्षी दे रहे थे। पुलिस विभाग के लिए उनका चयन वर्ष 2016 में हुआ। जिसके बाद से ही वह हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के लिए तैयारी कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने हिमाचल प्रदेश वित्त व लेखा सेवा परीक्षा उतीर्ण की। इसकी मुख्य परीक्षा सितंबर में आयोजित हुई थी।
प्रवीण ने कांस्टेबल की ड्यूटी के साथ हासिल किया लक्ष्य
वहीं, सरकाघाट तहसील के ग्राम पंचायत फतेहपुर गांव कनेर के एक साधारण से परिवार में जन्मे प्रवीण शर्मा पुत्र ओम प्रकाश शर्मा भी हिमाचल प्रदेश वित्त एवं लेखा सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर अनुभाग अधिकारी बन गए हैं। 34 वर्षीय प्रवीण शर्मा की स्कूली शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गोपालपुर से हुई। कॉलेज की पढ़ाई उन्होंने डिग्री कॉलेज सरकाघाट से की और पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हो गए। इसके बाद उन्होंने लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजिल हिमाचल प्रदेश वित्त एवं लेखा सेवा परीक्षा पास की और अनुभाग अधिकारी का पद हासिल किया। अपने कठिन प्रयासों से प्रवीण शर्मा ने अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। पुलिस में सेवारत रहने के बाद भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नहीं छोडा। अपनी ड्यूटी के बाद लक्ष्य की प्राप्ति के लिए लाइब्रेरी भी जाकर तैयारी करते थे। प्रवीण शर्मा वर्तमान में पुलिस मुख्यालय शिमला टीटीआर में सेवाए दे रहे हैं। उनकी पत्नी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले शिमला में कार्यरत हैं। प्रवीण शर्मा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और पत्नी को दिया है।