कार्रवाई संबंधी पत्र पोर्टल पर भी अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। दरअसल, शिकायतकर्ता एसपी गुप्ता परिवार के साथ 28 मार्च 2018 को वॉल्वो बस से मनाली गए थे। यह बस बहुत बुरी हालत में थी, यहां तक सीटें भी बेहद घटिया थीं।
मनाली से लौटते समय भी चार अप्रैल को वैसी ही बस में शिकायतकर्ता को वापस आना पड़ा। यह बस वापसी में बिलासपुर स्थित फूड प्लाजा पर रुकी। वहां पर बेहद घटिया खाना परोसा गया, जब इसकी शिकायत की गई तो मालिक ने अपने नौकरों के साथ मिलकर एसपी गुप्ता से बदसलूकी की।
उन्होंने किसी तरह बस में बैठकर अपनी जान बचाई। इस दौरान बस चालक व कंडक्टर ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। दिल्ली आकर इसकी शिकायत हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन महानिदेशक को की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।