मंच पर पीएम, सीएम, राज्यपाल समेत अन्य।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से केंद्र सरकार की 16 विभिन्न योजनाओं के छह लाभार्थियों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में देश भर के 1,500 स्थानों से करीब 17 लाख लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े। सभी प्रदेशों की राजधानियों, जिला मुख्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों में भी केंद्र सरकार के आठ वर्ष के कार्यकाल पूरा होने पर गरीब कल्याण सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रधानमंत्री ने रिज मैदान पर मौजूद हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला की लाभार्थी समा (श्यामा) देवी, लद्दाख से ताशी तंडूप, बिहार से ललिता देवी, पश्चिम त्रिपुरा से पंकज साहनी, कर्नाटक से संतोषी और गुजरात से लाभार्थी अरविंद से संवाद किया। उन्होंने सभी लाभार्थियों से प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान योजना, उज्जवला योजना, स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन की योजनाओं को लेकर बातचीत की। योजनाओं का लाभ मिलने के बाद जीवन में आए अंतर की जानकारी भी ली। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कुछ लाभार्थियों के साथ हंसी मजाक भी किया।
पक्का मकान मिलने से बदल गया जीवन : ताशी
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थी लद्दाख से पूर्व सैनिक ताशी तंडूप से प्रधानमंत्री ने लद्दाख के मौसम के बारे में पूछा कि इन दिनों सैलानियों का आना शुरू हुआ या नहीं। उन्होंने पक्का मकान मिलने पर महसूस हुए फर्क की जानकारी भी ताशी से ली। ताशी ने कहा कि पहले कच्चा मकान होने पर बारिश का पानी अंदर आ जाता था। शौचालय भी नहीं था। पक्का मकान, शौचालय और आंगन मिलने से जीवन बदल गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने घर आकर केंद्र सरकार की योजनाओं से अवगत कराया। जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने अपना जीवन देश की सेवा में लगा दिया। अब सुविधाएं देने का समय हमारा है।
सभी पात्रों को मकान मिलने की समझाती हूं बात : ललिता
बिहार के बाता जिले से उज्जवला, स्वच्छ भारत, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी ललिता देवी ने कहा कि पक्का मकान, पानी और बिजली मिलने से कई परेशानियां दूर हो गई हैं। जीना कुछ आसान हो गया है। अब बच्चों की पढ़ाई और शादी करवाने की चिंता भी कम हो गई है। मोदी ने पूछा कि गांव के अन्य पात्र लोगों को भी क्या पक्के मकान मिलने की जानकारी देती हो या नहीं? इस पर ललिता देवी ने कहा कि मैं सभी को समझाती हूं कि जो लोग भी योजना में पात्र पाए जाएंगे, उन्हें निर्धारित समय के भीतर केंद्र सरकार पक्के मकान उपलब्ध करवाएगी।
बिहार के राशनकार्ड से त्रिपुरा में मिल रहा सस्ता राशन : पंकज
मूल रूप से बिहार के निवासी और बीते 10 वर्षों से पश्चिमी त्रिपुरा में रह रहे पंकज साहनी ने बताया कि एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना से उन्हें बहुत लाभ हुआ है। अब बिहार में बने राशनकार्ड से वह त्रिपुरा में भी सस्ता राशन ले पा रहे हैं। पहले यह सुविधा नहीं होने से बाजार से महंगा राशन खरीदने को मजबूर थे। प्रधानमंत्री ने लाभार्थी पंकज से पूछा कि जब बिजली कनेक्शन नहीं था तो मोबाइल फोन कैसे चार्ज करते थे। जवाब में पंकज ने कहा कि मोबाइल फोन की सुविधा तो बिजली मिलने के बाद ही मिली है। पक्का मकान और पानी की सप्लाई भी मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माता त्रिपुरसुंदरी को मेरा प्रणाम कहते हुए संवाद समाप्त किया।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की लाभार्थी समा देवी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक रिज मैदान पर संवाद किया। मोदी ने कहा कि हम भी कभी सिरमौर जाते थे। समा देवी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये मिले थे। पहले उनके पास कच्चा मकान था। गृहणी सुविधा योजना लाभार्थी समा देवी ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करती हैं। आजकल लहसुन की फसल लगाई है। केंद्र सरकार से साल में 6,000 रुपये किसान सम्मान निधि में भी मिलते हैं। प्रधानमंत्री ने मजाक करते हुए कहा कि पक्का मकान बनने पर तो मेहमान भी आना बढ़ गए होंगे, खाना भी बनाना पड़ता होगा। कहीं खर्चे भी अधिक तो नहीं हो गए?
संतोषी से कहा, तो मैं आपको जरूर चुनाव लड़वा देता चुनाव
कर्नाटक के कालबुरगी क्षेत्र से आयुष्मान भारत योजना की लाभार्थी संतोषी से संवाद करते हुए मोदी ने कहा कि आप में बोलने की क्षमता बहुत अच्छी है। प्रभावशाली तरीके से कन्नड़ भाषा में आपने अपनी बात रखी। मोदी ने मजाकिए लहजे में कहा कि अगर मैं कर्नाटक में भाजपा का कार्यकर्ता होता तो आपको जरूर चुनाव लड़वा देता। अनुवादक के जरिये संतोषी की बात हिंदी में दोहराई गई। संतोषी ने बताया कि हेल्थ वेलनेस सेंटर खुलने से क्षेत्र के लोगों को बहुत लाभ हो रहा है। घर-घर आकर स्वास्थ्य कर्मी जांच करते हैं। दवाएं भी देते हैं। मेरी माता के स्वास्थ्य में इस योजना से बहुत सुधार आया है।
मुद्रा योजना से ऋण लेकर अब दे रहा हूं रोजगार : अरविंद
गुजरात के मैहसाणा से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लाभार्थी अरविंद से मोदी ने ‘केम छो अरविंद भाई’ कहकर बात शुरू की। अरविंद ने बताया कि उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 7.20 लाख रुपये का ऋण लेकर मंडप सजाने के कारोबार को आगे बढ़ाया। पहले आठ लोगों को उन्होंने नौकरी दी थी, अब 12 लोगों को रोजगार दिया है। अरविंद ने बताया कि वह हर तरह की पेमेंट को डिजिटल तौर पर देते और लेते हैं। कोरोना संकट के दौरान उन्होंने अपने सभी कर्मियों की मदद की। आयुष्मान योजना में शामिल करने के लिए प्रयास किए। प्रधानमंत्री ने अरविंद के कार्यों को सराहते हुए उन्हें बधाई दी और उनकी बेटी को एथलेटिक्स में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र की कई योजनाओं का हिमाचल प्रदेश को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल का तो हस्तशिल्प और वास्तुकला वैसे ही खूब मशहूर है। चंबा का मेटल वर्क, सोलन का पाइन आर्ट, कांगड़ा की मिनिएचर पेंटिंग्स के पर्यटक दीवाने हैं। ऐसे उत्पाद देश के कोने-कोने में पहुंचें और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की रौनक बढ़ाएं, इसके लिए काम हो रहा है। मोदी ने कहा कि उन्होंने बजट में पर्र्वतमाला योजना की घोषणा की है, वह हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। उन्होंने वाइब्रंट बॉर्डर विलेज योजना बजट में रखी है, उसके कारण सीमा पर बसे हुए गांव वाइब्रंट बने हैं।
पर्यटकों की विभिन्न गतिविधियों के केंद्र बने हैं। सीमा पर सटे हुए गांव, उनके विकास के लिए भारत सरकार ने एक विशेष योजना बनाई है। इस वाइब्रंट बॉर्डर विलेज की योजना का लाभ हिमाचल के सीमावर्ती गांवों को स्वाभाविक रूप से मिलने वाला है। देश में एम्स जैसे बेहतरीन संस्थानों का दायरा देश के दूर-सुदूर के राज्यों तक बढ़ाया जा रहा है। बिलासपुर में बन रहा एम्स इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। अब हिमाचलवासियों को चंडीगढ़ या दिल्ली जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। मोदी ने कहा कि ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा रहा है, उससे दूर-दराज के जो क्षेत्र हैं, हिंदुस्तान के दूर-दराज के जो भी इलाके हैं, चाहे पहाड़ी हों जंगल के इलाके हों। जैसे हिमाचल के भी दूर-दराज के इलाके हैं, वहां पर इन ड्रोन सेवाओं का बहुत बड़ा लाभ मिलने वाला है।