871 करोड़ की लागत से बनने वाले कुटलैहड़ विस क्षेत्र के लठियाणी-मंदली पुल का मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास कर नया इतिहास लिख दिया है। इलाके के लोगों की करीब तीन दशक बाद मांग पूरी होने से अब इस पुल पर अब राजनीति पर पूर्ण विराम लग चुका है। गौर रहे कि राज्य में जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी और कुटलैहड़ को कैबिनेट मंत्री मिला था।
उस समय मंत्री वीरेंद्र कंवर उक्त पुल निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और नितिन गडकरी के साथ चर्चा करते रहे। पहले उक्त पुल का सर्व करवाया। फिर डीपीआर तैयार करवाई। अब प्रधानमंत्री ने उक्त पुल का शिलान्यास किया। इस पुल के निर्माण की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और एक आधुनिक तरीके से पुल का निर्माण होगा।
अगर देश में कोविड समय न आता तो पुल बनकर तैयार होता : गडकरीकेंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हमीरपुर में संबोधन में कहा कि अगर देश में अढ़ाई वर्ष कोविड में व्यतीत नहीं होता। तो आज लाठियाणी मंदली बनकर तैयार होता। गडकरी ने बताया कि उक्त पुल निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने काफी मशक्कत की और कई बार मुलाकात करके पुल निर्माण करवाने के लिए जोर दिया था।
गडकरी ने किया सपना साकार : अनुराग
केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि तीन दशकों से जब भी चुनाव आते थे तो कांग्रेस नेता झूठे शिलान्यास करके लठियाणी मंदली पुल निर्माण के लिए जनता को भ्रमित करते थे। लेकिन हमने पहले पुल निर्माण के लिए बजट में प्रावधान करवाया। फिर भूमि अधिग्रहण करवाने की प्रतिक्रिया को पूर्ण किया।