धर्मशाला में मुख्य सचिवों के तीन दिवसीय पहले राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीएम ने कहा, सरकार को इन्हें प्रेरणादायक जिले बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए। देश के सर्वश्रेष्ठ, युवा अधिकारियों को आकांक्षी जिलों में तैनात किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा, सभी आकांक्षी जिले भारत के प्रेरणादायक जिले होने चाहिए। आकांक्षी जिला कार्यक्रम को ब्लॉक और शहर के स्तर तक बढ़ाया जाना चाहिए। 2018 में शुरू किए गए आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में कम विकास दिखाने वाले 112 जिलों को बदलना था।
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धर्मशाला में मुख्य सचिवों के तीन दिवसीय पहले राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीएम ने कहा, सरकार को इन्हें प्रेरणादायक जिले बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए। देश के सर्वश्रेष्ठ, युवा अधिकारियों को आकांक्षी जिलों में तैनात किया जाना चाहिए। इन जिलों में काम करने के दौरान उन्हें जो अनुभव और सीख मिलेगी वह अद्वितीय होगी और पूरे देश के लिए उपयोगी साबित होगी।
उन्होंने डिजिटल तकनीक का लाभ उठाकर और मोबाइल ऐप सीखकर शिक्षकों के प्रशिक्षण को मजबूती देने को कहा। मोदी ने फसल विविधिकरण और कृषि वस्तुओं में आत्मनिर्भरता विषय पर भी मुख्य सचिवों और अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। मोदी की अध्यक्षता में ‘आजादी का अमृत महोत्सव-2047 का रोडमैप’ विषय के तहत हो रहे इस सम्मेलन में वर्ष 2047 तक का भारत का रोडमैप बनाने पर चर्चा की गई।
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तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन आज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन शुक्रवार को होगा। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में यह सम्मेलन भविष्य की रूपरेखा तैयार करेगा। सम्मेलन में गहन चिंतन के बाद जो परिणाम सामने आएंगे, उन पर नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा। उस महत्वपूर्ण बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और प्रशासक मौजूद रहेंगे। इसी के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सहमति के साथ एक कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।